उत्तराखंड: प्रमुख वन संरक्षक बने रंजन मिश्रा, 1993 बैच के अधिकारी.. जानिए खास बातें

उत्तराखंड शासन ने पीसीसीएफ (वन्यजीव) रंजन मिश्रा को प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ) नियुक्त कर किया है।
Advertisement केदार हिमालय के ऐसे ट्रेक जहां रास्ता खुद आपको चुनता है

बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।

Example Ads Media
प्रमुख वन संरक्षक: Ranjan Mishra became Chief Conservator of Forests
Image: Ranjan Mishra became Chief Conservator of Forests

देहरादून: उत्तराखंड के वन विभाग में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक फेरबदल करते हुए पीसीसीएफ (वन्यजीव) रंजन मिश्रा को प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ) नियुक्त कर दिया गया है। इस संबंध में वन विभाग के सचिव द्वारा औपचारिक आदेश जारी किए गए हैं। यह नियुक्ति राज्य के वन प्रशासन में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखी जा रही है।

Ranjan Mishra became Chief Conservator of Forests

पूर्व प्रमुख वन संरक्षक समीर सिन्हा 30 नवंबर को सेवानिवृत्ति की आयु पूरी कर चुके हैं। उनके रिटायर होने के बाद यह पद खाली हो गया था। इसी क्रम में 25 नवंबर को हॉफ पद पर नई नियुक्ति के लिए डीपीसी (डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी) की बैठक आयोजित की गई थी। सूत्रों के अनुसार हॉफ पद के लिए दो प्रमुख नामों पर चर्चा थी। जिनमें बी.पी. गुप्ता, प्रमुख वन संरक्षक (प्रशासन) एवं 1992 बैच के वरिष्ठतम आईएफएस अधिकारी और रंजन मिश्रा, 1993 बैच के पीसीसीएफ (वन्यजीव) शामिल थे।

रंजन मिश्रा के नाम पर लगी अंतिम मुहर

वरिष्ठता सूची में बी.पी. गुप्ता दूसरे नंबर पर आते हैं और उनसे ऊपर के अधिकारी पहले ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इस लिहाज़ से विभाग में यह माना जा रहा था कि परंपरा के अनुसार सबसे वरिष्ठ अधिकारी को ही हॉफ बनाया जाएगा। लेकिन डीपीसी की सिफारिशों के बाद सरकार ने रंजन मिश्रा के नाम पर अंतिम मुहर लगा दी।

जून 2026 तक रहेगा कार्यकाल

सूत्र बताते हैं कि राज्य गठन के बाद यह पहली बार है जब सबसे वरिष्ठ अधिकारी को हॉफ की जिम्मेदारी नहीं दी गई है। दरअसल पीसीसीएफ बी.पी. गुप्ता 31 दिसंबर 2025 को सेवानिवृत्त होने वाले हैं, जबकि नए नियुक्त मुख्य वन संरक्षक (हॉफ) रंजन मिश्रा का कार्यकाल जून 2026 तक रहेगा।

  • नियुक्ति पर उठ रहे सवाल

    Appointment of Chief Conservator of Forests
    Pic: 1/ 1
    Image: Appointment of Chief Conservator of Forests

    उत्तराखंड के वन मंत्री सुबोध उनियाल ने नियुक्ति पर उठ रहे सवालों के बीच स्पष्ट किया कि हॉफ पद के चयन में सरकार का कोई मनमाना निर्णय नहीं था। उन्होंने बताया कि यह चयन मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली कमेटी द्वारा किया जाता है। जिस कमेटी में प्रमुख सचिव (वन), प्रमुख वन संरक्षक और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय का नामित अधिकारी शामिल होते हैं। इसी समिति की अनुशंसा के आधार पर हॉफ के नाम को अंतिम स्वीकृति दी जाती है।