रेलवे भर्ती बोर्ड की कंप्यूटर आधारित परीक्षा में चेकिंग के दौरान हरियाणा का एक अभ्यर्थी पकड़ा गया, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
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Image: Candidate caught cheating in Railway Recruitment Board exam
देहरादून: रेलवे भर्ती बोर्ड की कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) में नकल करते पकड़े गए एक अभ्यर्थी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जांच में पता चला है कि मामले में कई लोग शामिल हैं और हरियाणा के एक व्यक्ति ने परीक्षा पास कराने के लिए चार लाख रुपये की डील की थी। फिलहाल पुलिस टीम इस पूरे नेटवर्क की पहचान में जुटी है।
Candidate caught cheating in Railway Recruitment Board exam
जानकारी के अनुसार उत्तरकाशी जिले के श्रीकोट निवासी केंद्र कमांडिंग ऑफिसर यशवीर पुत्र स्व. गिरधारी द्वारा इस मामले में शिकायत दर्ज कराई गई थी। उनके द्वारा की गई के अनुसार बीते 2 दिसंबर को आईकैट सॉल्यूशन परीक्षा केंद्र (सहारनपुर रोड, पटेलनगर) में रेलवे भर्ती बोर्ड की केंद्रीय ऑनलाइन परीक्षा की दूसरी पाली चल रही थी। इसी दौरान हरियाणा के चरखी दादरी के अचीना गांव निवासी 22 वर्षीय अभ्यर्थी विवेक की गतिविधियां संदिग्ध पाई गई।
चार लाख रुपये में हुई थी डील
परीक्षा केंद्र कर्मचारियों द्वारा की तलाशी में उसके जैकेट की आस्तीन से नकल में उपयोग होने वाली पर्ची बरामद हुई। पर्ची में वही उत्तर लिखे हुए थे, जिन्हें परीक्षा के दौरान उपयोग करने की योजना थी। इसके बाद कर्मचारियों ने आरोपी को तुरंत पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस पूछताछ में विवेक ने बताया कि परीक्षा पास कराने के लिए हरियाणा में रहने वाले शर्मा नामक व्यक्ति से उसकी चार लाख रुपये में डील हुई थी। परीक्षा शुरू होने से पहले विवेक को परीक्षा केंद्र के पास तीन अन्य व्यक्तियों से मिलने के लिए निर्देशित किया गया था। इन लोगों ने उससे मुलाकात कर उसके मोबाइल फोन में एक प्राइवेट मैसेंजर एप डाउनलोड कराया और उसी एप के जरिए उसे परीक्षा से संबंधित उत्तर भेजे। बाद में वही उत्तर उसने एक पर्ची पर लिखकर अपनी जैकेट की आस्तीन में छिपा लिए थे।
सभी संपर्कों और कड़ियों की जांच
लेकिन परीक्षा कक्ष में की गई सख्त चेकिंग के दौरान वो पकड़ा गया और पूरी योजना विफल हो गई। मामले में नकल कराने वाले नेटवर्क की संलिप्तता और प्राइवेट मैसेंजर एप के उपयोग को गंभीरता से लेते हुए पुलिस सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है। पुलिस को शक है कि इसमें एक संगठित गैंग शामिल है, जो प्राइवेट मैसेंजर एप के जरिए नकल करवा रहा था। पुलिस द्वारा आरोपी विवेक के बताए गए सभी संपर्कों और कड़ियों की जांच की जा रही है, ताकि पूरे गैंग की जानकारी सामने लाई जा सके।