उत्तराखंड के कुल 95,16,705 राशन कार्ड धारकों में से अब तक केवल 41,09,711 लोगों ने ही ई-केवाईसी पूरी की है। अभी भी प्रदेश के 54,06,994 लाभार्थी यह प्रक्रिया पूरी करने से वंचित हैं।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Ration card e-KYC will be done through mobile app
देहरादून: उत्तराखंड के 54 लाख से अधिक राशन कार्डधारकों को जल्द ही ई-केवाईसी के लिए राशन डीलर की दुकान तक पहुंचने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के लिए एनआईसी देहरादून द्वारा तैयार किया गया एक नया मोबाइल ऐप अंतिम चरण में है और इसे एक-दो दिनों के भीतर लांच किए जाने की तैयारी है। इस ऐप की मदद से लोग घर बैठे ही अपनी ई-केवाईसी पूरी कर सकेंगे।
Ration card e-KYC will be done through mobile app
देशभर में फर्जी राशन कार्डों की पहचान और जरूरतमंदों तक सही लाभ पहुंचाने के लिए पूरे ई-केवाईसी प्रक्रिया अनिवार्य की गई है। उत्तराखंड में सभी राशन कार्डधारकों के लिए 15 दिसंबर अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। उत्तराखंड के 13 जिलों के कुल 95,16,705 लाभार्थियों में से अब तक केवल 41,09,711 लोगों ने ही ई-केवाईसी पूरी की है। इसका अर्थ है कि 54,06,994 लाभार्थी अभी भी प्रक्रिया पूरी करने से वंचित हैं। अब तक ई-केवाईसी केवल राशन दुकानों पर उपलब्ध ई-पॉस मशीनों के जरिए ही संभव थी। इससे लोगों को लंबी कतारों में लगकर समय बर्बाद करना पड़ रहा था। कामकाजी लोग, वृद्धजन, बीमार और दिव्यांग लाभार्थी इस प्रक्रिया को पूरा करने में सबसे अधिक कठिनाई महसूस कर रहे थे। लेकिन अब इसके लिए एनआईसी देहरादून ने एक मोबाइल तैयार किया है, जिससे अब लोगों को न कोई परेशानी होगी और न ही उनका समय बर्बाद होगा। इस ऐप के लॉन्च होने के बाद राशन कार्ड धारक बिना दुकान गए, अपने मोबाइल के माध्यम से ही ई-केवाईसी कर सकेंगे। इससे न केवल उपभोक्ताओं को सुविधा मिलेगी, बल्कि राशन डीलरों, विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों का कार्यभार भी काफी कम होगा।
आइरिस स्कैन तकनीक का उपयोग
राशन कार्ड धारक का बायोमेट्रिक सत्यापन अब तक अंगूठा या उंगली के निशान से किया जाता था। नए ऐप में आधुनिक आइरिस स्कैन तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिसमें आंखों की पुतली स्कैन कर पहचान सत्यापित की जाएगी। यह तकनीक अधिक सटीक और भरोसेमंद मानी जाती है। इस नए ऐप e-kyc के साथ राशन कार्डधारकों के लिए कई महत्वपूर्ण सुविधाएं भी प्राप्त होंगी। उपयोगकर्ता ऐप पर ये भी देख सकेंगे कि उन्होंने साल भर में कितना राशन लिया, कितना राशन शेष है, परिवार में कितने यूनिट दर्ज हैं इसके अलावा संबंधित राशन दुकान की जानकारी और वितरण संबंधी इतिहास भी जान सकेंगे।
जल्द लॉन्च होगा एप
देहरादून स्थित खाद्य आपूर्ति विभाग के अपर आयुक्त, पीएस पांगती ने बताया कि “ये एप लगभग तैयार हो चुका है। इसे एक-दो दिन में लॉन्च कर दिया जाएगा। इसके बाद लोगों को ई-केवाईसी के लिए राशन डीलर के पास जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। घर बैठे प्रक्रिया पूरी हो सकेगी, जिससे विभागीय कर्मचारियों और डीलरों दोनों को बड़ी राहत मिलेगी।”