उत्तराखंड सरकार ने लद्दाख मॉडल पर स्नो लेपर्ड टूर शुरू करने की घोषणा की है। गंगोत्री नेशनल पार्क को सर्दियों में नियंत्रित तरीके से खोलने की तैयारी, एडवेंचर टूरिज्म और धार्मिक स्थलों के विकास पर भी जोर। पढ़िए...
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राज्य समीक्षा डेस्क
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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
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Image: Snow leopard tourism to begin in Uttarakhand
उत्तरकाशी: उत्तराखंड सरकार ने राज्य में सर्दियों के पर्यटन को नई ऊंचाई देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। लद्दाख की तर्ज पर अब उत्तराखंड भी ‘स्नो लेपर्ड टूर’ शुरू करने जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य है कि पर्यटक हिमालय की ऊंची पहाड़ियों में दुर्लभ हिम तेंदुए (Snow Leopard) का दीदार कर सकें और स्थानीय लोगों को रोजगार का नया अवसर मिले।
Snow leopard tourism to begin in Uttarakhand
गंगोत्री नेशनल पार्क में पायलट प्रोजेक्ट की तैयारी के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तरकाशी जिले के गंगोत्री नेशनल पार्क को सर्दियों में नियंत्रित तरीके से पर्यटकों के लिए खोला जाए। पायलट प्रोजेक्ट के तहत विशेष तौर पर स्थानीय समुदाय को शामिल कर होमस्टे, गाइड सेवा, एडवेंचर गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।
एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा
पर्यटन सचिव धीरज गर्ब्याल के अनुसार, स्नो लेपर्ड टूरिज्म के साथ-साथ अन्य सर्दियों की गतिविधियों को भी बड़े पैमाने पर विकसित किया जाएगा। इसमें शामिल हैं-
औली और खलिया टॉप में स्कीइंग, स्नो ट्रेकिंग और रैपलिंग
मसूरी, नैनीताल और उत्तरकाशी में विंटर कार्निवल
कार्बेट और नंधौर क्षेत्रों में वाइल्डलाइफ टूरिज्म
ऋषिकेश में अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव
पर्यटन ढांचे में बड़े सुधार
सरकार का लक्ष्य है कि सर्दियों में भी राज्य में पर्यटकों की संख्या बढ़े और एडवेंचर टूरिज्म को नई पहचान मिले। मुख्यमंत्री धामी ने निर्देश दिया है कि जीएमवीएन और केएमवीएन के सभी पर्यटन परिसरों को 20 दिसंबर तक अपग्रेड किया जाए। साथ ही होटल कारोबारियों और ट्रैवल ऑपरेटरों के साथ बैठकें करके बेहतर सेवाओं की तैयारी की जाएगी।
उत्तराखंड पर्यटन ढांचे में नए आकर्षण
राज्य सरकार कई नए आकर्षण भी जोड़ रही है, इन प्रयासों से उत्तराखंड को एक ग्लोबल विंटर डेस्टिनेशन बनाने का लक्ष्य है-
सारयू कॉरिडोर का विकास
गंगोत्री की तर्ज पर धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण
देवप्रयाग सहित प्रमुख घाटों पर विशेष गंगा आरती
सोशल मीडिया कैंपेन, रोड शो और स्पेशल विंटर पैकेज
नए ‘स्नो लेपर्ड मॉडल’ से क्या बदलेगा
सरकार की इस पहल से सर्दियों में भी पर्यटन को नया बाजार मिलेगा, स्थानीय लोगों के लिए रोजगार बढ़ेगा। उत्तराखंड को ‘सालभर सक्रिय पर्यटन राज्य’ की नई पहचान मिलेगी। हिम तेंदुए जैसे दुर्लभ वन्यजीवों की वैज्ञानिक और सुरक्षित तरीके से निगरानी संभव होगी। राज्य सरकार का मानना है कि यह मॉडल लद्दाख की सफलता को उत्तराखंड में दोहराएगा और सर्दियों के पर्यटन को नई उड़ान देगा।