Uttarakhand News: दून अस्पताल में दर्द से कराहती रही महिला, इमरजेंसी में भी दो घंटे तक नहीं मिला इलाज

दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल की इमरजेंसी में टूटे हाथ से घायल महिला को करीब दो घंटे तक इलाज नहीं मिला, जिससे मरीज और उसके परिजन परेशान रहे। पति की शिकायत और हंगामे के बाद डॉक्टर को बुलाया गया, तब जाकर इलाज शुरू हो सका।
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Doon Medical College Hospital: Emergency Care Failure at Doon Medical College Hospital
Image: Emergency Care Failure at Doon Medical College Hospital

देहरादून: देहरादून के दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल की इमरजेंसी सेवाओं की एक बार फिर पोल खुल गई है। अस्पताल की अव्यवस्था और स्टाफ की लापरवाही के कारण टूटे हाथ से पीड़ित एक महिला को करीब दो घंटे तक बिना इलाज के इंतजार करना पड़ा। इस दौरान महिला का पति अस्पताल के हर काउंटर और डॉक्टर के पास मदद की गुहार लगाता रहा, लेकिन कहीं से संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

Emergency Care Failure at Doon Medical College Hospital

जानकारी के अनुसार देहरादून डिस्पेंसरी रोड निवासी परवेज शनिवार सुबह करीब 10 बजे अपनी पत्नी गजाला को लेकर दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे। परवेज ने बताया कि बीते शुक्रवार को घर के कामकाज के दौरान उनकी पत्नी का हाथ टूट गया था। दर्द बढ़ने पर वह सुबह इमरजेंसी पहुंचे, लेकिन वहां उन्हें तुरंत इलाज नहीं मिल पाया। इमरजेंसी काउंटर पर मौजूद कर्मचारियों ने पहले पर्चा कटवाने को कहा। इसके बाद बताया गया कि हड्डी रोग विशेषज्ञ (ऑर्थोपेडिक डॉक्टर) के आने पर ही मरीज को देखा जा सकेगा। परवेज ने कई बार पूछा कि डॉक्टर कब तक आएंगे, लेकिन कोई स्पष्ट समय नहीं बताया गया।

डॉक्टर की तलाश में अस्पताल में भटकता रहा पति

इलाज में देरी से परेशान परवेज इमरजेंसी से लेकर अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग तक डॉक्टरों को ढूंढने जाता रहा। वह बार-बार काउंटर पर लौटकर पूछता रहा, लेकिन दोपहर 12 बजे तक भी कोई डॉक्टर इमरजेंसी में नहीं पहुंचा। इस दौरान घायल महिला दर्द से कराहती रही। लगातार अनदेखी और जवाब न मिलने से परेशान होकर परवेज का गुस्सा फूट पड़ा। उसने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए और आवाज ऊंची करने लगा। स्थिति बिगड़ती देख कर्मचारियों ने डॉक्टर को फोन किया, जिसके बाद डॉक्टर इमरजेंसी पहुंचे और महिला का इलाज शुरू किया गया।

जांच रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा कारण

इस मामले पर दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आर. एस. बिष्ट ने कहा कि घटना की जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इलाज में देरी क्यों हुई और किस स्तर पर लापरवाही बरती गई।

ओटी इमरजेंसी के बेसमेंट में जलभराव

इसके अलावा अस्पताल की ओटी इमरजेंसी के बेसमेंट में जलभराव के कारण लिफ्ट के डक्ट में पानी भर गया था। पानी की नमी शनिवार को तीसरे दिन भी पूरी तरह नहीं सूख पाई, जिस कारण लिफ्ट को बंद रखा गया। वैकल्पिक लिफ्ट से मरीजों, तीमारदारों और डॉक्टरों को आने-जाने में लंबा इंतजार करना पड़ा। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, सोमवार तक पूरी तरह सूखने के बाद ही लिफ्ट को आमजन के लिए खोला जाएगा।