उत्तराखंड सरकार ने राष्ट्रीय युवा दिवस पर Eat Right Youth Hackathon लॉन्च किया। छह महीने चलने वाली इस प्रतियोगिता में 300 से अधिक संस्थान भाग लेंगे। इसका उद्देश्य युवाओं को सुरक्षित, स्वस्थ और टिकाऊ भोजन प्रणाली के प्रति जागरूक करना है।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Uttarakhand Launches Eat Right Youth Hackathon
देहरादून: राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर उत्तराखंड के शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने सोमवार को राज्यव्यापी छह माह की युवा नवाचार प्रतियोगिता ‘ईट राइट यूथ हैकाथॉन’ का शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य युवाओं में सुरक्षित, स्वस्थ और टिकाऊ खाद्य प्रणाली के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
Uttarakhand Launches Eat Right Youth Hackathon
यह हैकाथॉन उच्च शिक्षा विभाग और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। प्रतियोगिता में राज्य के करीब 300 विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, मेडिकल और तकनीकी संस्थानों के छात्र-छात्राओं के भाग लेने की संभावना है। अधिकारियों के अनुसार, खाद्य सुरक्षा अब केवल स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि आर्थिक विकास और उपभोक्ता विश्वास से भी सीधे जुड़ा एक अहम मुद्दा बन चुका है। विशेष रूप से युवाओं में असंतुलित और अस्वास्थ्यकर खान-पान के कारण मोटापा, हृदय रोग और मधुमेह जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों में तेजी से वृद्धि हो रही है।
55.6% आबादी पौष्टिक आहार वहन करने में असमर्थ
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के आंकड़ों के अनुसार, भारत के लगभग 10% परिवारों के सभी सदस्य मोटापे की श्रेणी में आते हैं, जिसका मुख्य कारण खराब खान-पान है। वहीं संयुक्त राष्ट्र की SOFI रिपोर्ट बताती है कि देश की करीब 55.6% आबादी पौष्टिक आहार वहन करने में असमर्थ है, जो पोषण सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती है। मंत्री धन सिंह रावत ने इस पहल को समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि उत्तराखंड खाद्य सुरक्षा और पोषण पर केंद्रित ऐसा कार्यक्रम शुरू करने वाला देश का पहला राज्य है। उन्होंने कहा कि इस हैकाथॉन के माध्यम से युवा न केवल सुरक्षित भोजन के महत्व को समझेंगे, बल्कि खाद्य प्रणाली की कमियों के लिए व्यावहारिक और नवाचारी समाधान भी प्रस्तुत करेंगे।
युवाओं को किया जाएगा प्रोत्साहित
इस कार्यक्रम के अंतर्गत युवाओं को तकनीकी, सामाजिक और व्यावहारिक समाधान सुझाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे राज्य में एक सुरक्षित और टिकाऊ खाद्य इकोसिस्टम को मजबूत किया जा सके। मंत्री ने सभी शैक्षणिक संस्थानों से छात्रों को अधिक से अधिक भागीदारी के लिए प्रेरित करने की अपील की।
प्रथम विजेता को मिलेगा 1.5 लाख रुपये का पुरस्कार
उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक प्रो. ए. एस. उनियाल ने बताया कि प्रतियोगिता में चयनित शीर्ष पांच टीमों को आकर्षक पुरस्कार दिए जाएंगे। प्रथम पुरस्कार 1.5 लाख रुपये, द्वितीय 1 लाख रुपये, तृतीय 75 हजार रुपये, जबकि दो अन्य टीमों को 50-50 हजार रुपये की राशि प्रदान की जाएगी।