उत्तराखंड सरकार प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में हाईटेक मोबाइल फॉरेंसिक साइंस लैब स्थापित करने जा रही है। नए आपराधिक कानूनों के तहत फॉरेंसिक जांच की अनिवार्यता को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: High-tech mobile forensic labs to be launched in Uttarakhand
देहरादून: उत्तराखंड सरकार प्रदेश में कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। हाल ही में लागू किए गए तीन नए आपराधिक कानूनों के अंतर्गत अपराधों की जांच में फॉरेंसिक साक्ष्यों को अनिवार्य भूमिका दी गई है। इसी के चलते राज्य में फॉरेंसिक ढांचे के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
High-tech mobile forensic labs to be launched in Uttarakhand
उत्तराखंड सरकार अब गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में आधुनिक सुविधाओं से लैस मोबाइल फॉरेंसिक साइंस लैब स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है। इसके लिए केंद्र सरकार से स्वीकृति देने का अनुरोध किया गया है। वर्तमान समय में उत्तराखंड में केवल दो स्थायी फॉरेंसिक साइंस लैब कार्यरत हैं, जिनमें एक गढ़वाल मंडल और दूसरी कुमाऊं मंडल में स्थित है। बढ़ते अपराधों और नए कानूनों के तहत अनिवार्य फॉरेंसिक जांच की जरूरत को देखते हुए ये लैब पर्याप्त साबित नहीं हो रही हैं। कई मामलों में साक्ष्यों की जांच में देरी के कारण विवेचना प्रभावित होती है, जिसका सीधा असर न्यायिक प्रक्रिया और न्याय दिलाने की गति पर पड़ता है।
पर्वतीय क्षेत्रों के लिए विशेष योजना
इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के पर्वतीय क्षेत्रों के लिए एक-एक मोबाइल फॉरेंसिक साइंस लैब संचालित करने की योजना बनाई है। ये लैब घटनास्थल पर ही पहुंचकर प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच, साक्ष्य संग्रह और विश्लेषण की सुविधा उपलब्ध कराएंगी। मोबाइल फॉरेंसिक लैब के माध्यम से अब पुलिस और जांच एजेंसियों को घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए दूरस्थ लैब पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे समय की बचत होगी, साक्ष्यों की गुणवत्ता बनी रहेगी, जांच प्रक्रिया तेज होगी और दोषियों को सजा दिलाने की प्रक्रिया मजबूत होगी। वर्तमान में निजी क्षेत्र के सहयोग से प्रदेश के छह स्थानों पर मोबाइल फॉरेंसिक लैब पहले से संचालित की जा रही हैं, जिससे सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
केंद्र सरकार से मांगी गई स्वीकृति
प्रदेश के गृह सचिव शैलेश बगौली ने जानकारी दी कि केंद्रीय गृह मंत्रालय से गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के लिए दो मोबाइल फॉरेंसिक साइंस लैब उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। स्वीकृति मिलते ही इन्हें शीघ्र शुरू किया जाएगा।