उत्तराखंड में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू हुए 1 साल पूरा। 4.7 लाख से अधिक विवाह रजिस्टर्ड, तलाक और लिव-इन रिलेशनशिप रजिस्ट्रेशन का रिकॉर्ड भी मजबूत हुआ।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: One year of Uniform Civil Code in Uttarakhand
देहरादून: उत्तराखंड में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू हुए एक साल पूरा होने पर इसके प्रभाव सामने आने लगे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, UCC लागू होने के बाद राज्य में 4.7 लाख से अधिक विवाह पंजीकरण दर्ज किए गए हैं। इसके साथ ही तलाक और लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े रजिस्ट्रेशन और रिकॉर्ड प्रणाली भी पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित और मजबूत हुई है। प्रशासन का दावा है कि इस नई व्यवस्था से कानूनी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, नागरिकों को सुविधा और दस्तावेजी प्रमाणों की विश्वसनीयता बढ़ी है।
One year of Uniform Civil Code in Uttarakhand
सरकार के अनुसार, UCC के तहत विवाह पंजीकरण को सरल बनाने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से प्रक्रिया को सक्रिय किया गया। एक साल के भीतर 4.7 लाख से ज्यादा विवाह रजिस्ट्रेशन होना यह संकेत देता है कि अब लोग विवाह को कानूनी रूप से दर्ज कराने को लेकर अधिक जागरूक हुए हैं।
पंजीकरण में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
UCC के तहत विवाह के साथ-साथ तलाक और पारिवारिक विवादों से जुड़े रिकॉर्ड भी बेहतर तरीके से दर्ज हो रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जब वैवाहिक स्थिति का रिकॉर्ड व्यवस्थित होता है, तो कानूनी विवादों, संपत्ति मामलों और सामाजिक योजनाओं में दस्तावेजी प्रमाण मजबूत होता है।
चर्चा में रहा लिव-इन रजिस्ट्रेशन
UCC लागू होने के बाद उत्तराखंड में लिव-इन रिलेशनशिप रजिस्ट्रेशन का प्रावधान सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। प्रशासनिक स्तर पर इसे सुरक्षा, पहचान और कानूनी स्पष्टता से जोड़कर देखा जा रहा है, जबकि कुछ सामाजिक संगठनों ने इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी दी हैं। हालांकि सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य कानूनी रिकॉर्ड को व्यवस्थित करना और जरूरत पड़ने पर नागरिकों को संवैधानिक सुरक्षा देना है।
डिजिटल रजिस्ट्रेशन सिस्टम से बढ़ी पारदर्शिता
UCC के अंतर्गत रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग बढ़ाया गया है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन से:
नागरिकों को समय की बचत
दस्तावेजों की तेज जांच
रिकॉर्ड की सुरक्षित स्टोरेज
और सरकारी सेवाओं में भ्रष्टाचार की संभावना कम जैसे फायदे देखने को मिले हैं।
सरकार का दावा: एक समान कानूनी व्यवस्था
राज्य सरकार का कहना है कि UCC का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समान कानून सुनिश्चित करना है। प्रशासन के अनुसार, इससे विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और पारिवारिक मामलों में एकरूपता आएगी और कानूनी प्रक्रियाओं को सरल बनाया जा सकेगा।
आगे क्या? UCC पर नजर और समीक्षा की तैयारी
UCC लागू होने के एक साल बाद अब यह माना जा रहा है कि सरकार आगे चलकर:
रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को और सरल बना सकती है
नियमों में तकनीकी सुधार कर सकती है
और जिलों में जागरूकता अभियान तेज कर सकती है
सरकारी स्तर पर यह भी संकेत मिल रहे हैं कि UCC के अनुभवों के आधार पर फीडबैक और समीक्षा की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
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विवाह पंजीकरण में बढ़ा आंकड़ा
Image: Uniform Civil Code in Uttarakhand
उत्तराखंड में UCC लागू होने के बाद विवाह पंजीकरण में बढ़ा आंकड़ा, तलाक मामलों में दस्तावेजी मजबूती और लाइव-इन रजिस्ट्रेशन की नई व्यवस्था ने राज्य को देशभर में चर्चा का केंद्र बना दिया है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह कानून सामाजिक और प्रशासनिक स्तर पर कितना प्रभावी साबित होता है और नागरिकों को इससे कितनी सुविधा मिलती है।