Union Budget 2026 में उत्तराखंड को इंफ्रास्ट्रक्चर, चारधाम व पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, आपदा प्रबंधन और ग्रीन एनर्जी के लिए ठोस समर्थन मिला है। पहाड़ी और सीमांत जरूरतों को केंद्र में रखते हुए कनेक्टिविटी और आजीविका पर खास फोकस दिखा।
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Image: Provisions for Uttarakhand in Union Budget 2026
देहरादून: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश केंद्रीय बजट 2026 में उत्तराखंड को पहाड़ी और सीमांत राज्य की जरूरतों के अनुरूप कई अहम सौगातें मिली हैं। इस बजट में सड़क–रेल कनेक्टिविटी, चारधाम व धार्मिक पर्यटन, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, आपदा प्रबंधन और सीमांत जिलों के विकास को प्राथमिकता दी गई है।
Provisions for Uttarakhand in Union Budget 2026
केंद्र सरकार की ओर से Union Budget 2026 में उत्तराखंड को इंफ्रास्ट्रक्चर, चारधाम व पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, आपदा प्रबंधन और ग्रीन एनर्जी के लिए ठोस समर्थन मिला है। पहाड़ी और सीमांत जरूरतों को केंद्र में रखते हुए कनेक्टिविटी और आजीविका पर खास फोकस दिखा। उत्तराखंड के लिए बजट 2026 के प्रमुख बिंदु सरल और स्पष्ट तरीके से—
इंफ्रास्ट्रक्चर: सड़क, रेल और हवाई संपर्क को रफ्तार
ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना के लिए अतिरिक्त पूंजीगत सहायता—टनल, स्टेशनों और सुरक्षा कार्यों में तेजी।
सीमांत सड़क संगठन (BRO) के माध्यम से ऊंचाई वाले इलाकों में ऑल-वेदर रोड्स के लिए बढ़ा आवंटन।
क्षेत्रीय हवाई संपर्क के तहत उड़ान योजना में पहाड़ी एयरस्ट्रिप्स के उन्नयन पर जोर।
पर्यटन व चारधाम: श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं
चारधाम यात्रा मार्गों पर पार्किंग, मेडिकल पोस्ट, डिजिटल मैनेजमेंट और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष पैकेज।
होम-स्टे, इको-टूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने हेतु राज्यों को प्रोत्साहन।
सीमांत व कम-ज्ञात पर्यटन स्थलों के प्रचार के लिए मार्केटिंग ग्रांट।
स्वास्थ्य: पहाड़ में इलाज आसान
एम्स ऋषिकेश व मेडिकल कॉलेज नेटवर्क के विस्तार हेतु केंद्रीय सहायता।
दूरस्थ क्षेत्रों में टेली-मेडिसिन और मोबाइल हेल्थ यूनिट्स के लिए फंड।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर फोकस।
शिक्षा और कौशल: युवाओं के लिए अवसर
पहाड़ी जिलों में आवासीय स्कूल/डिजिटल क्लासरूम के लिए सहायता।
स्किल इंडिया 2.0 के तहत पर्यटन, आपदा प्रबंधन और ग्रीन जॉब्स में प्रशिक्षण।
उच्च शिक्षा में रिसर्च ग्रांट्स और स्टार्टअप-लिंक्ड इंटर्नशिप।
कृषि व ग्रामीण विकास: किसानों को सहारा
पर्वतीय कृषि, मोटे अनाज (Millets), बागवानी और ऑर्गेनिक फार्मिंग को बढ़ावा।
सिंचाई, कोल्ड-चेन और मार्केट लिंक के लिए सब्सिडी।
स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और महिला उद्यमिता को क्रेडिट सपोर्ट।
आपदा प्रबंधन व जलवायु: हिमालयी सुरक्षा
भूस्खलन, एवलॉन्च और बाढ़ से निपटने के लिए अर्ली-वॉर्निंग सिस्टम।
आपदा-प्रभावित क्षेत्रों में रीहैबिलिटेशन और रिस्क-मैपिंग।
जलवायु-अनुकूल इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश।
ऊर्जा व ग्रीन ग्रोथ: हाइड्रो से हाइड्रोजन तक
हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स के आधुनिकीकरण और पर्यावरणीय संतुलन पर जोर।
ग्रीन हाइड्रोजन और रिन्यूएबल एनर्जी में राज्य को साझेदारी।
ग्रामीण इलाकों में ग्रिड-स्टेबिलिटी और बैकअप सिस्टम।
सीमांत जिलों पर विशेष ध्यान
पिथौरागढ़, चमोली, उत्तरकाशी, बागेश्वर जैसे जिलों में कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य और रोजगार योजनाएं।
सीमा क्षेत्रों में वाइब्रेंट विलेजेज पहल के तहत अतिरिक्त संसाधन।