उत्तराखंड: इंसानियत शर्मसार! अस्पताल में बच्चे को छोड़कर भागा सगा भाई.. नर्सिंग स्टाफ बना सहारा

दून अस्पताल में 12 वर्षीय गुलशन पिछले दो महीनों से अकेले ऑर्थो वार्ड में रह रहा है। इलाज के बाद उसका भाई उसे छोड़कर चला गया और वापस नहीं लौटा। अब नर्सिंग स्टाफ उसकी देखभाल कर रहा है और पुलिस में मामला दर्ज कराया गया है।
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Child abandoned in Doon hospital: Nursing Staff helps 12-Year-Old Boy Abandoned at Doon Hospital
Image: Nursing Staff helps 12-Year-Old Boy Abandoned at Doon Hospital

देहरादून: भाई की राह देखता रहा गुलशन, दो महीने बीत गए। दून अस्पताल में गुलशन का मामला केवल एक बच्चे की कहानी नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक जिम्मेदारी का आईना है। Doon Medical College Hospital से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां गुलशन नाम का 12 साल का लड़का अपने भाई द्वारा छोड़े जाने के बाद दो महीने से ऑर्थो वार्ड में अकेला इंतज़ार कर रहा है।

Nursing Staff Helps 12-Year-Old Boy Abandoned at Doon Hospital

देहरादून के दून हॉस्पिटल से एक बेहद संवेदनशील और चिंताजनक मामला सामने आया है। यहां 12 साल का बच्चा गुलशन पिछले दो महीनों से अकेले ऑर्थो वार्ड में रह रहा है। घटना न केवल स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज की संवेदनशीलता पर भी गंभीर चिंतन को मजबूर करती है।

भाई के साथ इलाज के लिए आया था गुलशन

गुलशन 3 दिसंबर को अपने बड़े भाई के साथ Haridwar से देहरादून पहुंचा था। उसे जांघ की हड्डी की सर्जरी करवानी थी। अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा सफलतापूर्वक उसका इलाज किया गया और ऑपरेशन के बाद उसे ऑर्थो वार्ड में भर्ती किया गया।

  • इलाज के बाद भाई हुआ लापता

    Brother went missing after treatment
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    Image: Brother went missing after treatment

    इलाज के मात्र दो दिन बाद ही गुलशन का भाई उसे अस्पताल में अकेला छोड़कर चला गया। शुरुआत में स्टाफ को लगा कि वह किसी जरूरी काम से गया होगा, लेकिन जब कई दिन बीत गए और वह वापस नहीं लौटा, तब चिंता बढ़ने लगी। नर्सिंग स्टाफ द्वारा दिए गए मोबाइल नंबर पर कई बार कॉल की गई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।

  • शक होने पर पुलिस को दी गई सूचना

    Nursing Staff Helps 12-Year-Old Boy Abandoned at Doon Hospital
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    Image: Nursing Staff Helps 12-Year-Old Boy Abandoned at Doon Hospital

    जब लगातार संपर्क नहीं हो पाया, तो अस्पताल प्रशासन और नर्सिंग स्टाफ को मामला संदिग्ध लगा। इसके बाद पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस अब बच्चे के परिजनों का पता लगाने और पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

  • नर्सिंग स्टाफ बना गुलशन का सहारा

    Nursing Staff Helps 12-Year-Old Boy Abandoned at Doon Hospital
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    Image: Nursing Staff Helps 12-Year-Old Boy Abandoned at Doon Hospital

    इस मुश्किल समय में अस्पताल का नर्सिंग स्टाफ गुलशन के लिए परिवार बन गया है। वही उसकी देखभाल कर रहे हैं, समय पर खाना दे रहे हैं और मानसिक रूप से भी उसे संभालने की कोशिश कर रहे हैं। स्टाफ का कहना है कि वे बच्चे को अकेला महसूस नहीं होने देंगे।

    दून अस्पताल में गुलशन का मामला केवल एक बच्चे की कहानी नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक जिम्मेदारी का आईना है। एक मासूम का दो महीने तक अकेले अस्पताल में रहना सिस्टम की कमजोरी और पारिवारिक लापरवाही दोनों को उजागर करता है।