ऋषिकेश के उप निबंधक हरीश कुमार को डीएम सविन बंसल के औचक निरीक्षण में करोड़ों की स्टाम्प चोरी और अवैध रजिस्ट्री के खुलासे के बाद निलंबित कर दिया गया। शासन ने अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Rishikesh Sub-Registrar Suspended Over Stamp Duty Scam
देहरादून: उत्तराखंड में राजस्व विभाग से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। जिला प्रशासन की जांच में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने के बाद ऋषिकेश के उप निबंधक हरीश कुमार को निलंबित कर दिया गया है। शासन ने उन्हें मुख्यालय से संबद्ध करते हुए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी है। यह कार्रवाई जिलाधिकारी सविन बंसल के औचक निरीक्षण के बाद की गई, जिसमें उप निबंधक कार्यालय में कई चौंकाने वाली गड़बड़ियां उजागर हुईं।
Rishikesh Sub-Registrar Suspended Over Stamp Duty Scam
ऋषिकेश स्थित उप निबंधक कार्यालय में किए गए औचक निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच में पाया गया कि उप निबंधक की अनुपस्थिति में लिपिक और एक बाहरी व्यक्ति द्वारा अवैध रूप से रजिस्ट्रियां कराई जा रही थीं। कार्यालय में आम नागरिकों के मूल दस्तावेज वर्षों से लंबित पड़े मिले। वहीं, अर्जेंट नकल जारी करने में भी महीनों की देरी की जा रही थी, जिससे फरियादियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही थी।
करोड़ों की स्टाम्प चोरी की आशंका
जांच रिपोर्ट में करोड़ों रुपये की स्टाम्प चोरी की आशंका जताई गई है। जानकारी के अनुसार, दून घाटी विशेष महायोजना-2031 के अंतर्गत औद्योगिक भूमि को आवासीय दिखाकर छोटे-छोटे भूखंडों में रजिस्ट्री कराई जा रही थी। इस प्रक्रिया से सरकार को भारी राजस्व हानि हुई है। साथ ही, खरीदारों के साथ धोखाधड़ी की आशंका भी व्यक्त की गई है।
मूल दस्तावेज रोके रखने और नकल में देरी की शिकायतें
निरीक्षण के दौरान कई फरियादियों ने शिकायत की कि उनके मूल दस्तावेज समय पर वापस नहीं किए गए। नियम के अनुसार रजिस्ट्री के दस्तावेज तीन दिन के भीतर लौटाए जाने चाहिए, लेकिन यहां महीनों तक दस्तावेज रोके रखने के मामले सामने आए। नकल जारी करने में भी अनावश्यक देरी की जा रही थी, जिससे आमजन को लगातार कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे थे।
शासन ने शुरू की अनुशासनात्मक कार्रवाई
जिला प्रशासन ने विस्तृत जांच रिपोर्ट शासन को भेजते हुए उप निबंधक के निलंबन की संस्तुति की थी। रिपोर्ट के आधार पर शासन ने तत्काल प्रभाव से हरीश कुमार को निलंबित कर मुख्यालय से संबद्ध कर दिया। प्रशासन का कहना है कि अन्य रजिस्ट्रार कार्यालयों में भी औचक निरीक्षण जारी रहेंगे। राजस्व हितों से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई को राज्य में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी।