देहरादून: अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक पर RBI का बड़ा एक्शन, हजारों खाताधारकों का पैसा फंसा

देहरादून के अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक पर आरबीआई ने 6 माह के लिए वित्तीय लेनदेन पर रोक लगाई। 9 हजार खाताधारक प्रभावित, करोड़ों रुपये फंसे, पुलिस में शिकायत दर्ज।
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Urban Cooperative Bank: RBI Slaps 6-Month Ban on Dehradun Urban Cooperative Bank
Image: RBI Slaps 6-Month Ban on Dehradun Urban Cooperative Bank

देहरादून: दर्शन लाल चौक स्थित अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने छह महीने के लिए वित्तीय लेनदेन पर रोक लगा दी है। प्रतिबंध की खबर मिलते ही बैंक के खाताधारक बड़ी संख्या में शाखा पहुंचे और जमकर हंगामा किया। मौके पर बैंक अधिकारी नहीं मिलने पर खाताधारकों ने कोतवाली नगर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

RBI Slaps 6-Month Ban on Dehradun Urban Cooperative Bank

आरबीआई के निर्देशों से बैंक के करीब 9 हजार खाताधारक प्रभावित हुए हैं। बताया जा रहा है कि नगर निगम के लगभग 50 ठेकेदारों के खाते इसी बैंक में हैं और उनके 30 से 35 करोड़ रुपये के लेनदेन पर रोक लग गई है। खाताधारकों का आरोप है कि वर्ष 2013–14 में हुए करीब 38 करोड़ रुपये के कथित घोटाले का ऑडिट अब पूरा हुआ है, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। बैंक प्रबंधन के अनुसार कुल मिलाकर लगभग 98 करोड़ रुपये के लेनदेन पर प्रतिबंध लागू हुआ है।

छह महीने तक वित्तीय लेनदेन पर रोक

खाताधारक अर्चिन गुप्ता ने बताया कि वे पिछले 19 वर्षों से बैंक से जुड़े हैं। 11 फरवरी को जानकारी मिली कि लेनदेन पर रोक लगी है। बैंक कर्मचारियों ने पहले इसे दो दिन का प्रतिबंध बताया, लेकिन सोमवार को जारी आरबीआई सर्कुलर से स्पष्ट हुआ कि छह महीने तक वित्तीय लेनदेन पर रोक रहेगी। खाताधारकों का कहना है कि बैंक अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन वे उपलब्ध नहीं थे, जिससे असमंजस और बढ़ गया।

बिना पूर्व स्वीकृति कोई लेनदेन नहीं

आरबीआई के चीफ जनरल मैनेजर बृज राज द्वारा जारी पत्र के अनुसार 10 फरवरी 2026 को कारोबार बंद होने के बाद से बैंक, आरबीआई की लिखित पूर्व अनुमति के बिना—
कोई नया ऋण या अग्रिम नहीं देगा/नवीनीकृत नहीं करेगा
कोई निवेश नहीं करेगा
नई जमा राशि स्वीकार नहीं करेगा
धन उधार नहीं लेगा
किसी भी देनदारी/भुगतान का वितरण नहीं करेगा
अपनी परिसंपत्तियों की बिक्री/हस्तांतरण नहीं करेगा
साथ ही बचत, चालू या अन्य खातों से निकासी की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, जमा के बदले ऋण समायोजन की अनुमति दी गई है। कर्मचारियों के वेतन, किराया, बिजली बिल जैसे आवश्यक खर्च निर्दिष्ट शर्तों के तहत किए जा सकेंगे।

लाइसेंस रद्द नहीं, निगरानी जारी

आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि यह कदम बैंकिंग लाइसेंस रद्द करने के रूप में नहीं माना जाए। बैंक अपनी वित्तीय स्थिति में सुधार होने तक निर्धारित प्रतिबंधों के तहत कार्य करता रहेगा। आरबीआई स्थिति की निगरानी करेगा और जमाकर्ताओं के हित में आवश्यकतानुसार निर्देशों में संशोधन कर सकता है।

सुरक्षा और पारदर्शिता पर सवाल

घटना के बाद बैंकिंग पारदर्शिता और निगरानी तंत्र पर सवाल उठने लगे हैं। खाताधारकों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और उनकी जमा पूंजी की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।