Uttarakhand News: अमेरिका-ईरान के बीच जंग का उत्तराखंड तक असर, बंधी उड़ानों की रफ्तार और दिल की धड़कन

मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच तनाव से उत्तराखंड के युवा प्रभावित हैं। DGCA ने रूट बदलने की सलाह दी है, उड़ानों में प्रभाव जारी है और परिवार अपने भारतवासियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं
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Middle East War: Tension in Middle East Affects Uttarakhand Families
Image: Tension in Middle East Affects Uttarakhand Families

रुड़की: उत्तराखंड के लिए तीसरी March तक मिडिल ईस्ट का तनाव घर के बाहर की खबर नहीं रहा — यह अंदर की खबर बन गया है, क्योंकि वहां काम और पढ़ाई कर रहे प्रदेश के कई युवा असुरक्षा की स्थिति का सामना कर रहे हैं। अमेरिका-इजरायल के हमलों के जवाब में ईरान की प्रतिक्रिया ने पूरे पश्चिम एशिया में हवाई क्षेत्र और सुरक्षा की स्थिति को प्रभावित किया है, जिससे वहाँ रहे भारतीयों की चिंता बढ़ी है।

Tension in Middle East Affects Uttarakhand Families

रुड़की निवासी मुस्तजाब, जो पिछले 22 साल से बहरीन में रहते हैं, ने फोन पर बताया कि वहाँ आसमान से मिसाइलें बरस रही हैं, और वहाँ का माहौल बेहद भयावह है। उन्होंने बताया कि उनके घर के पास ही लगभग 14 मिसाइलें गिरीं, लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति है, तथा जहरीली धुएं की वजह से उन्हें सुरक्षित स्थान की ओर जाना पड़ा। मुस्तजाब ने यह भी कहा कि घर लौटने के बारे में सोचने पर भी डर लगता है, क्योंकि हर पल नया हमला होने का डर है।

अमीरात से लेकर दुबई तक व्यापक तनाव

हल्द्वानी के दानिश को वीडियो कॉल पर उनके साले ओसामा ने बताया कि उनके रहते अबू धाबी के आस-पास धमाका हुआ और लोग डर के कारण बाहर निकल रहे हैं। इन मुकाबलों की वजह से कई जगहों पर आसाउन बंद या बहुत सख्त नियंत्रण में है, और लोग अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित इलाकों की ओर भाग रहे हैं।

उड़ानों पर असर: DGCA की चेतावनी

चिरस्थायी तनाव का असर हवाई यात्रा पर भी पड़ा है। भारत का नागरिक उड्डयन विभाग (DGCA) ने सलाह दी है कि मिडिल ईस्ट के 11 देशों के एयरस्पेस से उड़ानें कम से कम March 2 तक बचें, जिसमें इरान, इज़राइल, सऊदी अरब, UAE, बहरीन, कुवैत, कतर जैसे देश शामिल हैं। यह आदेश यात्रियों और विमानों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है, ताकि किसी अप्रत्याशित घटना से कोई सिविल विमान प्रभावित न हो।

DGCA सलाह का कारण

DGCA ने कहा है कि मिडिल ईस्ट के कुछ एयरस्पेस बंद हैं या जोखिम भरे हैं। भारतीय एयरलाइंस को बाहर की ओर मार्ग परिवर्तन या विमानों का रूट बदलने के लिए कह दिया गया है। यह सलाह March 2 तक प्रभावी रहेगी, जब तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाती। इस कारण एयर इंडिया, इंडिगो और अन्य एयरलाइंस ने कई उड़ानों में परिवर्तन या रद्दीकरण की जानकारी दी है जिससे यात्रा योजनाओं पर व्यापक प्रभाव पड़ रहा है।

परिवार चिंतित, हर फोन की प्रतीक्षा

उत्तराखंड के परिवार अपने बहरे, दुबई, कुवैत, बहरीन और कतर जाने युवाओं से लगातार संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ परिवारों को अपने बच्चों से संपर्क मिल चुका है, लेकिन जिनके पास अभी तक कोई अपडेट नहीं आया, वे बेहद तनाव और बेचैनी का सामना कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों और विदेश मंत्रालय से अपील की है कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और घर लौटने की व्यवस्था जल्द से जल्द सुनिश्चित की जाए।