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भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
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रामनगर: वन विभाग की निष्क्रियता के चलते वन तस्कर बेखौफ हैं। क्षेत्र में वनों से बेशकीमती लकड़ियों की अवैध तस्करी थमने का नाम नहीं ले रही है। तस्कर बेखौफ होकर जंगलों से लकड़ी काटकर नगर के रास्ते आरामशीन फैक्ट्रियों तक पहुंचा रहे हैं। आरोप है कि यह सब वन विभाग की मौन लापरवाही के चलते हो रहा है, जिससे तस्करों के हौसले लगातार बुलंद बने हुए हैं।
सोमवार की सुबह नगर में उस समय लोगों का ध्यान आकर्षित हुआ, जब करीब दर्जन भर बाइकों के पीछे कीमती लकड़ियों के गिल्टे बांधकर तस्कर आरामशीन फैक्ट्रियों की ओर जाते दिखाई दिए। दिनदहाड़े इस तरह खुलेआम लकड़ी ले जाए जाना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से जंगलों से कीमती लकड़ियों की कटाई कर उन्हें आसपास की आरामशीन फैक्ट्रियों तक पहुंचाया जा रहा है।
रिपोर्ट्स के अनुसार रामनगर क्षेत्र के गुलजारपुर व ग्राम अटुआ स्थित जंगलों से पेड़ों को काटकर उनके गिल्टे तैयार किए जाते हैं और फिर बाइकों के माध्यम से नगर के रास्ते फैक्ट्रियों तक पहुंचाया जाता है। हालांकि वन विभाग की ओर से कभी-कभी संयुक्त अभियान चलाकर कार्रवाई भी की जाती है, लेकिन इसके बावजूद तस्करी के मामले थमते नजर नहीं आ रहे हैं। इस संबंध में काशीपुर वन रेंज के वन आरक्षी भोपाल सिंह ने बताया कि गुलज़ारपुर रामनगर रेंज में आता है। यदि तस्करों द्वारा लकड़ी लाने की सही समय पर सूचना प्राप्त होती है तो जरूर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।