देहरादून में डॉ. तन्वी की हत्या या आत्महत्या, अंकिता ध्यानी हत्याकांड जैसा मामला..आप भी जानें

देहरादून के एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज की पीजी डॉक्टर तन्वी की आत्महत्या के मामले में एचओडी पर प्रताड़ना के आरोप लगे हैं। पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और मोबाइल फोन को अहम सबूत माना जा रहा है।
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Doctor Tanvi Death Case: Family Alleges Harassment in Doctor Tanvi Death Case
Image: Family Alleges Harassment in Doctor Tanvi Death Case

देहरादून: देहरादून स्थित श्री गुरु राम राय मेडिकल कॉलेज में नेत्र रोग विभाग की 25 वर्षीय पीजी छात्रा डॉ. तन्वी की आत्महत्या से हड़कंप मच गया है। इस मामले में परिजनों ने विभागाध्यक्ष (HOD) डॉ. प्रियंका गुप्ता पर मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। पटेल नगर पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर आरोपी HOD के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।

Family Alleges Harassment in Doctor Tanvi Death Case

जानकारी के अनुसार इस मामले में एक ऑडियो क्लिप भी सामने आई है, जो कि डॉ. तन्वी ने आत्महत्या से पहले अपने पिता को भेजा था। ऑडियो क्लिप में डॉ. तन्वी और उनकी HOD के बीच बातचीत बताई जा रही है। करीब आधे घंटे के इस ऑडियो में तन्वी काफी परेशान नजर आती हैं। वह कहती सुनाई देती हैं— “मैम, आप बताओ मैं किस-किस को खुश करूं और कैसे…”। तन्वी के पिता के अनुसार, 24 मार्च की रात करीब एक घंटे तक उनकी बेटी से बात हुई थी। उस दौरान तन्वी बेहद परेशान थीं और बार-बार कह रही थीं— “पापा, अब सहन नहीं हो रहा…” पिता ने उन्हें शांत रहने और अगले दिन आकर बात करने का आश्वासन दिया था, लेकिन इससे पहले ही यह दुखद घटना हो गई।

तन्वी का फोन खोलेगा राज

जानकारी के मुताबिक पोस्टमार्टम के बाद परिजन बिना पुलिस को बताए शव लेकर अंबाला के लिए रवाना हो गए। इस दौरान पुलिस फोन कब्जे में लेना भूल गई, जिसके बाद अब परिजनों से संपर्क कर फोन जल्द देहरादून भेजने को कहा गया है। पुलिस के अनुसार, डॉ. तन्वी का मोबाइल फोन इस पूरे मामले की गुत्थी सुलझाने में बेहद अहम साबित हो सकता है। फोन में मौजूद कॉल डिटेल, चैट रिकॉर्ड, संभावित ऑडियो/वीडियो की जांच की जाएगी ताकि घटना के कारणों का पता लगाया जा सके।
पुलिस का मानना है कि मोबाइल डेटा से कई अहम खुलासे हो सकते हैं। संभावना जताई जा रही है कि तन्वी ने अन्य लोगों से भी बात की हो, या फिर उनके फ़ोन में कोई वीडियो या अतिरिक्त रिकॉर्डिंग मौजूद हो। पिता ने आश्वासन दिया है कि वे हरिद्वार आने पर फोन पुलिस को सौंप देंगे।

गंभीर सवाल और चर्चा

यह मामला मेडिकल छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव और कार्यस्थल पर कथित प्रताड़ना जैसे गंभीर मुद्दों को फिर से सामने लाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि संस्थानों में बेहतर संवाद और मानसिक स्वास्थ्य सहायता की जरूरत है।डॉ. तन्वी की आत्महत्या ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या संस्थानों में छात्रों का मानसिक स्वास्थ्य सुरक्षित है? क्या शिकायतों को समय पर गंभीरता से लिया जाता है? अब पुलिस जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी, लेकिन यह घटना एक बड़ी चेतावनी जरूर है।