Dehradun News: देहरादून में फर्जी और अपात्र पेंशनधारियों पर सख्ती शुरू। 15 जून तक सभी योजनाओं का 100% भौतिक सत्यापन होगा। मृत और अपात्र लोगों के नाम सूची से हटाए जाएंगे।
Advertisement
Triyuginarayan - World’s Most Divine Wedding Destination
Couples are choosing the sacred land of Lord Shiva’s wedding to begin their own love stories.
Example Ads Media
Image: Door-to-door verification campaign will be conducted in Dehradun
देहरादून: उत्तराखंड के Dehradun में पेंशन योजनाओं में पारदर्शिता लाने के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। समाज कल्याण विभाग ने सभी लाभार्थियों का 100% भौतिक सत्यापन कराने का फैसला लिया है, ताकि फर्जी और अपात्र लोगों को हटाकर केवल वास्तविक जरूरतमंदों तक ही योजना का लाभ पहुंचाया जा सके।
Door-to-door verification campaign will be conducted in Dehradun
मुख्य विकास अधिकारी Abhinav Shah ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि 15 जून तक हर हाल में सत्यापन प्रक्रिया पूरी की जाए। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है कि समयसीमा का पालन अनिवार्य है। इस दौरान प्रत्येक लाभार्थी की वास्तविक स्थिति की जांच की जाएगी और रिपोर्ट तैयार की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि तय समय के भीतर एकदम साफ और अपडेटेड पेंशन डेटा तैयार हो सके।
डीएम के निर्देश पर शुरू हुआ अभियान
यह विशेष अभियान जिलाधिकारी Savin Bansal के निर्देश पर शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग, किसान, तीलू रौतेली, बौना पेंशन और 0 से 18 वर्ष तक के दिव्यांग बच्चों की पेंशन योजनाओं के सभी लाभार्थियों की जांच की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि इस व्यापक सत्यापन से पेंशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता आएगी और योजनाओं का सही क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।आगे पढ़िए..
घर-घर जाकर होगी जांच प्रक्रिया
सत्यापन प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने विस्तृत व्यवस्था की है। शहरी क्षेत्रों में उप जिलाधिकारी और ग्रामीण क्षेत्रों में खंड विकास अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है। उनके नेतृत्व में पटवारी, लेखपाल, ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी घर-घर जाकर लाभार्थियों का भौतिक सत्यापन करेंगे। अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर लाभार्थी की वास्तविक स्थिति, पहचान और पात्रता की पूरी जानकारी दर्ज करनी होगी, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न रह जाए।
मृत और अपात्र लाभार्थियों पर होगी सख्त कार्रवाई
सत्यापन के दौरान यदि कोई पेंशनधारी मृत पाया जाता है, तो उसकी मृत्यु तिथि दर्ज कर उसका नाम पेंशन सूची से हटा दिया जाएगा। इसी तरह, जो लोग अपात्र पाए जाएंगे, उनके नाम भी कारण सहित सूची से बाहर किए जाएंगे। यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है ताकि सरकारी धन का दुरुपयोग रोका जा सके और केवल योग्य लोगों को ही लाभ मिल सके।आगे पढ़िए..
जिले में लाखों पेंशनधारियों का होगा सत्यापन
देहरादून जिले में पेंशन योजनाओं के तहत लाभार्थियों की संख्या काफी अधिक है। आंकड़ों के अनुसार, वृद्धावस्था पेंशन के 76,128, दिव्यांग पेंशन के 11,596, दिव्यांग बच्चों के 1,121, किसान पेंशन के 672, विधवा पेंशन के 32,011 और परित्यक्ता पेंशन के 8,140 लाभार्थी हैं। इतने बड़े स्तर पर सत्यापन करना प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन इससे एक सटीक और अद्यतन डाटा तैयार होगा, जो भविष्य में योजनाओं के बेहतर संचालन में मदद करेगा।
लापरवाही पर सख्त चेतावनी
मुख्य विकास अधिकारी Abhinav Shah ने साफ कहा है कि सत्यापन कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित समयसीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट सहायक समाज कल्याण अधिकारी को सौंपें। यदि किसी भी स्तर पर ढिलाई पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।