उत्तराखंड: 15 हजार में बिका अकाउंटेंट का ईमान, रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार

Almora News:उत्तराखंड के अल्मोड़ा में विजिलेंस टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ब्लॉक कार्यालय लमगड़ा में तैनात लेखाकार को 15 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
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Almora bribery case: Accountant Caught Taking 15000 Bribe in Almora
Image: Accountant Caught Taking 15000 Bribe in Almora

अल्मोड़ा: उत्तराखंड में हाल के दिनों में कई अधिकारी और कर्मचारी रिश्वत लेते हुए पकड़े गए हैं। अब घूसखोरी का ताजा मामला अल्मोड़ा जिले से सामने आया है। यहां विजिलेंस टीम ने लमगड़ा ब्लॉक कार्यालय में तैनात एक लेखाकार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

Accountant Caught Taking ₹15,000 Bribe in Almora

जानकारी के अनुसार अल्मोड़ा जिले के लमगड़ा ब्लॉक कार्यालय में तैनात लेखाकार हर सिंह बिष्ट पर आरोप है कि वह एक ठेकेदार से शौचालय निर्माण कार्य से जुड़े करीब 3 लाख रुपये के टेंडर की प्रक्रिया में सहयोग के बदले रिश्वत मांग रहा था। शिकायतकर्ता के अनुसार, टेंडर से जुड़ी फिक्स्ड डिपॉजिट रसीद (FDR) रिलीज कराने के लिए आरोपी बार-बार पैसों की मांग कर रहा था और साफ तौर पर कह रहा था कि बिना रिश्वत दिए फाइल आगे नहीं बढ़ेगी। इस दबाव से परेशान होकर ठेकेदार ने आखिरकार विजिलेंस विभाग का सहारा लिया।

शिकायत के बाद विजिलेंस ने बिछाया जाल

शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम हल्द्वानी में सक्रिय हुई और पूरे मामले की गोपनीय जांच शुरू की गई। जांच में आरोप सही पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया, जिसने योजनाबद्ध तरीके से आरोपी को पकड़ने की रणनीति बनाई। आगे पढ़िए

कार्यालय में रंगे हाथ गिरफ्तार

ट्रैप टीम ने तय योजना के अनुसार कार्रवाई करते हुए लेखाकार हर सिंह बिष्ट को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए मौके पर ही रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान विजिलेंस टीम ने रिश्वत की पूरी रकम भी बरामद कर ली। यह पूरी कार्रवाई ब्लॉक कार्यालय परिसर में ही अंजाम दी गई, जिससे वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए हल्द्वानी ले जाया गया। विजिलेंस विभाग अब मामले की गहराई से जांच कर रहा है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कहीं इस तरह की गतिविधियां पहले से तो नहीं चल रही थीं। यदि जांच में और तथ्य सामने आते हैं, तो अन्य लोगों पर भी कार्रवाई हो सकती है।