Rishikesh में Uttarakhand Police ने ऑपरेशन प्रहार के तहत एक बांग्लादेशी महिला को फर्जी दस्तावेजों के साथ गिरफ्तार किया है। महिला अवैध रूप से दिल्ली होते हुए यहां पहुंची थी।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Bangladeshi Woman Arrested in Rishikesh with Fake Documents
ऋषिकेश: उत्तराखंड के Rishikesh में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बांग्लादेशी महिला को गिरफ्तार किया है। महिला फर्जी दस्तावेजों के साथ पाई गई और अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर यहां पहुंची थी। इस गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां और सतर्क हो गई हैं।
Bangladeshi Woman Arrested in Rishikesh with Fake Documents
यह कार्रवाई राज्यभर में चल रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत की गई है। यह अभियान Dehradun में हाल ही में हुई घटनाओं के बाद शुरू किया गया, जिसके तहत बाहरी लोगों का सत्यापन और पहचान की जा रही है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां लगातार संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। Local Intelligence Unit को सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध महिला ऋषिकेश क्षेत्र में रह रही है। इसके बाद LIU और पुलिस की संयुक्त टीम ने चारधाम ट्रांजिट केंद्र के पास घेराबंदी कर महिला को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान महिला के पास से बांग्लादेश का पहचान पत्र, नागरिकता प्रमाण पत्र की कॉपी, मोबाइल फोन और एक फर्जी आधार कार्ड बरामद किया गया। इन दस्तावेजों से यह स्पष्ट हुआ कि महिला अवैध रूप से देश में रह रही थी। आगे पढ़िए..
अवैध तरीके से भारत में प्रवेश
पूछताछ में महिला ने बताया कि वह एक माह पहले बांग्लादेश की सीमा पार कर भारत आई थी। इसके बाद वह दिल्ली पहुंची और 13 अप्रैल को बस के जरिए ऋषिकेश पहुंची। महिला ने बताया कि उसकी पहचान सोशल मीडिया के माध्यम से “रिपोन” नामक व्यक्ति से हुई थी, जिसने उसे रोजगार का लालच देकर भारत बुलाया। महिला को सीमा पार कराने वाला आरोपी “रिपोन” फिलहाल फरार है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है और उसके नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
पहले भी सामने आ चुका है मामला
इससे पहले Dehradun के प्रेमनगर क्षेत्र में एक संदिग्ध आईएसआई एजेंट पकड़ा गया था। उस मामले के बाद से सुरक्षा एजेंसियां और अधिक सतर्क हो गई हैं और लगातार कार्रवाई कर रही हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अवैध घुसपैठ और फर्जी दस्तावेजों के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही इस तरह के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।