उत्तराखंड में नेपाल जैसे Gen-Z आंदोलन की थी तैयारी? पुलिस जांच में बडे़ खुलासे, नोएडा से भी जुड़े तार

उत्तराखंड के Haldhuchaur स्थित मदरसन कंपनी में हुए हंगामे का नोएडा हिंसा से कनेक्शन सामने आया। पुलिस ने संदिग्धों के मोबाइल सर्विलांस पर रखे।
Advertisement Cheapest Chardham Yatra 2026 Package? The Price Will Shock You!

Planning Chardham in 2026? These 5 Packages Are Getting Booked Fast

Example Ads Media
Gen-Z आंदोलन: Haldhuchaur Motherson Factory Unrest Linked to Noida Violence
Image: Haldhuchaur Motherson Factory Unrest Linked to Noida Violence

हल्द्वानी: Haldhuchaur स्थित मदरसन कंपनी में हाल ही में हुए हंगामे को लेकर जांच में बड़ा खुलासा सामने आया है। प्रारंभिक जांच में इस घटना के तार Noida में हुए श्रमिक बवाल से जुड़ते दिखाई दे रहे हैं। इससे मामला अब स्थानीय विवाद से बढ़कर एक संगठित नेटवर्क की ओर इशारा कर रहा है।

Haldhuchaur Motherson Factory Unrest Linked to Noida Violence

Uttarakhand Police और स्थानीय खुफिया इकाई (LIU) ने मामले में कुछ संदिग्धों को चिन्हित किया है। इनमें पांच युवतियां और तीन युवक शामिल हैं। इन सभी को पुलिस ने निगरानी में रखा है और इनके मोबाइल फोन इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस पर डाल दिए गए हैं, ताकि इनके संपर्कों और गतिविधियों की गहराई से जांच की जा सके।

सोशल मीडिया से उकसाने की आशंका

जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ संदिग्धों ने इंटरनेट मीडिया के जरिए श्रमिकों को भड़काने का काम किया। पुलिस को शक है कि नोएडा में हुए बवाल से प्रेरित होकर यहां भी श्रमिकों को उग्र आंदोलन के लिए उकसाया गया। इस एंगल से डिजिटल गतिविधियों और सोशल मीडिया अकाउंट्स की लगातार निगरानी की जा रही है। आगे पढ़िए..

नेपाल के ‘जेन-जी आंदोलन’ से प्रेरणा

जांच एजेंसियों के अनुसार, कुछ संदिग्ध नेपाल में हुए “जेन-जी आंदोलन” से प्रभावित बताए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि उसी तर्ज पर यहां भी माहौल को उग्र बनाने की कोशिश की गई। यह पहलू जांच को और गंभीर बना रहा है, क्योंकि इसमें बाहरी प्रभाव की संभावना भी जताई जा रही है।

अज्ञात लोगों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज

एसएसपी Manjunath TC ने बताया कि संदिग्धों की पूरी पृष्ठभूमि खंगाली जा रही है और उनकी ऑनलाइन गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। वहीं एसपी सिटी Manoj Katyal के अनुसार, मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है और जांच के लिए एक अधिकारी नियुक्त किया गया है।
पुलिस संदिग्धों के मोबाइल फोन की निगरानी कर रही है, जिसमें कॉल डिटेल, मैसेज और ऑनलाइन एक्टिविटी की जांच शामिल है। अधिकारियों का कहना है कि ठोस सबूत मिलने के बाद ही आरोपियों के नाम सार्वजनिक किए जाएंगे और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। यदि बाहरी नेटवर्क या साजिश की पुष्टि होती है, तो संबंधित आरोपियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।