Delhi-Dehradun Expressway के मोहंड एलिवेटेड सेक्शन पर अब दोपहिया वाहनों को अनुमति दी गई है। National Highways Authority of India के अनुसार बाइक 60 किमी/घंटा की रफ्तार से यहां चल सकेंगी।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Delhi-Dehradun Expressway Update
देहरादून: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को लेकर एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अब इस एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों पर दोपहिया वाहनों को भी चलने की अनुमति दे दी गई है। इस फैसले से खासतौर पर देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले हजारों लोगों को फायदा मिलेगा, जो रोज़ाना बाइक और स्कूटर से सफर करते हैं।
Delhi-Dehradun Expressway Update: Two-Wheelers Allowed on Mohand Elevated Stretch
एक्सप्रेसवे के मोहंड सेक्शन में बना 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर इस समय सबसे ज्यादा चर्चा में है। पहले यहां दोपहिया वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाए जाने की बात कही जा रही थी, लेकिन अब स्थिति साफ हो गई है और इसे सभी प्रकार के वाहनों के लिए खोल दिया गया है।
National Highways Authority of India के अनुसार मोहंड एलिवेटेड रोड पर दोपहिया और तीनपहिया वाहनों को भी चलने की अनुमति दी गई है। हालांकि, इनके लिए अधिकतम गति सीमा 60 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है। इससे अब बाइक और स्कूटर चालकों को भी तेज और सुगम यात्रा का लाभ मिलेगा। मोहंड क्षेत्र पहले ट्रैफिक जाम के लिए जाना जाता था, जहां कुछ किलोमीटर का सफर तय करने में घंटों लग जाते थे। लेकिन एलिवेटेड रोड बनने के बाद अब यहां ट्रैफिक की समस्या काफी हद तक खत्म हो गई है और यात्रा पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गई है। यह ध्यान रखना जरूरी है कि पूरे एक्सप्रेसवे पर दोपहिया वाहनों को अनुमति नहीं दी गई है। केवल कुछ विशेष हिस्सों, जैसे मोहंड एलिवेटेड रोड, पर ही इन्हें चलने की छूट दी गई है। आगे पढ़िए..
देहरादून में बन रहा ग्रीनफील्ड बायपास
Dehradun में 12 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड बायपास भी बनाया जा रहा है। इस परियोजना पर लगभग 716 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं और अब तक करीब 44 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इसे अप्रैल 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस बायपास के बनने से देहरादून शहर में ट्रैफिक का दबाव कम होगा। भारी वाहनों को शहर में प्रवेश किए बिना ही डायवर्ट किया जा सकेगा। साथ ही सेलाकुई, विकासनगर, हरबर्टपुर और पांवटा साहिब जैसे क्षेत्रों की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी, जिससे उद्योगों को लाभ मिलेगा।
पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण पर ध्यान
इस परियोजना को पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। वन्यजीवों के लिए विशेष ओवरपास और छोटे जीवों के लिए पाइप कल्वर्ट बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा पूरे मार्ग पर फेंसिंग और चेतावनी संकेत लगाए जा रहे हैं, ताकि मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम किया जा सके। कुछ समय पहले एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों में सड़क की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आई थीं। अब इन सभी खामियों को ठीक कर दिया गया है और मरम्मत का काम तेजी से पूरा किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि परियोजना की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और जहां भी समस्या सामने आएगी, उसे तुरंत ठीक किया जाएगा।
इन सभी सुधारों और नई सुविधाओं के साथ दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे अब और अधिक आधुनिक, सुरक्षित और सुविधाजनक बनता जा रहा है। आने वाले समय में इससे न केवल यात्रा आसान होगी, बल्कि उत्तराखंड की कनेक्टिविटी भी और मजबूत होगी।