उत्तराखंड: कैबिनेट मंत्री के बेटे की शादी के बाद बवाल, दो फॉरेस्ट गार्ड सस्पेंड.. रेंजर-वन दरोगा हटाए गए

राजाजी टाइगर रिजर्व में मंत्री खजान दास के बेटे की शादी मामले में दो फॉरेस्ट गार्ड सस्पेंड और दो अधिकारियों को हटाया गया। जानें पूरा विवाद और जांच की स्थिति।
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Rajaji Tiger Reserve controversy: VIP Wedding Controversy Two forest guards suspended
Image: VIP Wedding Controversy Two forest guards suspended

हरिद्वार: Rajaji Tiger Reserve की हरिद्वार रेंज स्थित मां सुरेश्वरी देवी मंदिर में कैबिनेट मंत्री Khajan Das के बेटे की शादी कराने के मामले में जांच के बाद बड़ा एक्शन लिया गया है। इस पूरे मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है और प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है।

VIP Wedding Controversy: Two forest guards suspended

दरअसल इस मामले की जांच के बाद दो फॉरेस्ट गार्ड और दो अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। रानीपुर गेट पर तैनात फॉरेस्ट गार्ड अमित सैनी और अभिषेक कंडारी को लापरवाही के आरोप में तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया। वहीं हरिद्वार रेंज के रेंजर महेश सेमवाल और सुरेश्वरी देवी सेक्शन में तैनात वन दरोगा अमृता को उनके पद से हटा दिया गया है। महेश सेमवाल से हरिद्वार रेंज का अतिरिक्त प्रभार भी वापस ले लिया गया है और उनकी जगह आभा रतूड़ी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह कार्रवाई जांच अधिकारी Ajay Lingwal की संस्तुति पर की गई। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक Rajiv Dhiman ने यह सख्त कदम उठाया। इस मामले की जांच अभी भी जारी है और आगे और कार्रवाई की संभावना बनी हुई है। इस कार्रवाई के बाद वन विभाग पर सवाल भी खड़े हो रहे हैं।

कैसे शुरू हुआ विवाद?

दरअसल बीते 26 अप्रैल को Rajaji Tiger Reserve की हरिद्वार रेंज स्थित मां सुरेश्वरी देवी मंदिर में कैबिनेट मंत्री Khajan Das के बेटे की शादी प्रस्तावित की गई थी। शादी से एक दिन पहले ट्रकों के जरिए टेंट, कूलर, सोफा, कुर्सियां और अन्य सजावट का सामान मंदिर परिसर में पहुंचाया गया था। पूरे परिसर को सजाया गया था, लेकिन जैसे ही इसके फोटो और वीडियो सामने आए, मामला तूल पकड़ गया। आगे पढ़िए..

जिस स्थान पर यह आयोजन किया जा रहा था, वह रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र के अंतर्गत आता है। यहां National Tiger Conservation Authority (NTCA), कोर्ट और एनजीटी की सख्त गाइडलाइन लागू होती हैं, जिनके तहत शोर-शराबे वाले कार्यक्रमों की अनुमति नहीं होती। विवाद बढ़ने के बाद तुरंत सभी सामान हटा लिया गया और शादी सादगी से संपन्न कराई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच बैठाई गई थी और शुरुआती कार्रवाई भी हो चुकी है।

क्या निचले स्तर के कर्मचारी दे सकते हैं अनुमति?

मंत्री खजान दास ने शादी के दिन खुद मीडिया को बताया था कि उन्हें उच्च अधिकारियों से अनुमति मिली थी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर पहले नियमों की जानकारी दी जाती तो आयोजन कहीं और किया जा सकता था। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या निचले स्तर के कर्मचारी खुद से ऐसी अनुमति दे सकते थे। अब भी यह साफ नहीं हो पाया है कि इस पूरे मामले में अंतिम जिम्मेदारी किसकी है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरी तस्वीर सामने आएगी।
प्रमुख वन संरक्षक Ranjan Kumar Mishra ने कहा कि राजाजी टाइगर रिजर्व एक संवेदनशील क्षेत्र है और इसकी निगरानी सुप्रीम कोर्ट करता है। नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई इसलिए की गई है ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।