उत्तराखंड: थारू जनजाति पर धर्मांतरण के ठेकेदारों की गंदी नजर, बीमारी ठीक करने और रुपयों का लालच

उधम सिंह नगर पुलिस ने धर्मांतरण के तीन मामलों में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि लोगों को लालच, डर और झूठे प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया जा रहा था। मामलों की जांच के लिए SIT गठित की गई है।
Advertisement Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life

Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.

Example Ads Media
Uttarakhand conversion case: Religious Conversion Cases Registered in Udham Singh Nagar
Image: Religious Conversion Cases Registered in Udham Singh Nagar

उधमसिंह नगर: Udham Singh Nagar में धर्मांतरण से जुड़े मामलों पर पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। Ajay Ganpati के निर्देश पर तीन अलग-अलग मामलों में मुकदमा दर्ज किया गया है। सभी मामलों की निष्पक्ष और प्रभावी जांच के लिए एसआईटी गठित करने के निर्देश दिए गए हैं।

Religious Conversion Cases Registered in Udham Singh Nagar

मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के निर्देशों के क्रम में पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति लालच, भय, दबाव या झूठे प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि सामाजिक सौहार्द बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

पहला मामला: प्रार्थना सभा में धर्म परिवर्तन का आरोप

पहला मामला Khatima कोतवाली क्षेत्र का है। यहां एक व्यक्ति ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया कि तीन लोग प्रार्थना सभाओं का आयोजन कर हिंदू धर्म के खिलाफ दुष्प्रचार कर रहे थे। शिकायत में कहा गया कि बीमारी ठीक करने का झांसा दिया जा रहा था और आर्थिक सहायता का लालच देकर लोगों पर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाया जा रहा था। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

दूसरा मामला: पांच लाख रुपये के प्रलोभन का आरोप

दूसरा मामला Nanakmatta थाना क्षेत्र से सामने आया है। यहां एक व्यक्ति ने आरोप लगाया कि गांव में चर्चनुमा ढांचा बनाकर धर्म का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। तहरीर में कहा गया कि धर्म परिवर्तन के बदले पांच लाख रुपये देने का लालच दिया गया। साथ ही परिवार को डराने और धमकाने का भी प्रयास किया गया। इस मामले में पुलिस ने Uttarakhand Freedom of Religion Act समेत अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आगे पढ़िए..

तीसरा मामला: थारू समाज को गुमराह करने का आरोप

तीसरा मामला भी खटीमा क्षेत्र का है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि कुछ लोग थारू समाज के लोगों को गुमराह कर हिंदू धर्म के प्रति नफरत फैलाने का प्रयास कर रहे थे। आरोप है कि सामाजिक भेदभाव समाप्त करने के नाम पर लोगों को झूठे प्रलोभन देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में भी अभियोग पंजीकृत कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

एसआईटी करेगी तीनों मामलों की जांच

एसएसपी अजय गणपति ने तीनों मामलों की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) गठित करने के निर्देश दिए हैं। इस एसआईटी की निगरानी Vaibhav Saini करेंगे। टीम में संबंधित मामलों के विवेचक, थाना प्रभारी और एसओजी की सर्विलांस टीम को शामिल किया गया है।

पुलिस ने लोगों से मांगी सतर्कता

पुलिस प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी भी व्यक्ति द्वारा भय, दबाव, धोखाधड़ी या लालच देकर धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास किया जाता है तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना और समाज में शांति एवं सौहार्द कायम रखना उनकी सर्वोच्च जिम्मेदारी है।