केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भारी बारिश से सोनप्रयाग-गौरीकुंड रोड पर भूस्खलन हुआ। SDRF और NDRF ने संयुक्त अभियान चलाकर 10 हजार से ज्यादा यात्रियों को सुरक्षित निकाला और यात्रा मार्ग बहाल किया।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Kedarnath Yatra Route Hit by LandslideThousands Rescued Safely
रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड में लगातार खराब हो रहे मौसम ने एक बार फिर केदारनाथ यात्रा पर असर डाला है। 19 मई की रात हुई तेज बारिश के कारण सोनप्रयाग-गौरीकुंड मोटर मार्ग पर तीन स्थानों पर भारी भूस्खलन हो गया। इससे यात्रा मार्ग अचानक बाधित हो गया और हजारों श्रद्धालु रास्ते में फंस गए। पहाड़ियों से लगातार मलबा और पत्थर गिरने के कारण क्षेत्र में खतरे की स्थिति बनी रही।
Kedarnath Yatra Route Hit by Landslide, Thousands Rescued Safely
सोनप्रयाग-गौरीकुंड मुख्य मार्ग पर मुनकटिया क्षेत्र के पास भारी बारिश के चलते अचानक स्लाइडिंग शुरू हो गई। देखते ही देखते सड़क पर भारी मात्रा में मलबा और पत्थर जमा हो गए, जिससे मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में यात्री फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही डीसीआर रुद्रप्रयाग ने SDRF को अलर्ट किया। इसके बाद SDRF टीम उपनिरीक्षक आशीष डिमरी के नेतृत्व में तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हुई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस, SDRF, NDRF और DDRF की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने एहतियातन यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया और श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम शुरू किया गया।
जिलाधिकारी ने पूरी रात की मॉनिटरिंग
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने पूरी रात वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हालात की लगातार निगरानी की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और मार्ग को जल्द से जल्द सुचारु किया जाए। आगे पढ़िए..
कठिन मौसम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद राहत एजेंसियों ने तेजी से काम किया। SDRF टीम ने सड़क के दूसरी ओर फंसे लगभग 10,450 यात्रियों को सुरक्षित तरीके से सड़क पार कराकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। पूरी रात राहत, निगरानी और सुरक्षा अभियान लगातार जारी रहा। मौके पर पुलिस, SDRF, NDRF और अन्य एजेंसियों की टीमें तैनात रहीं।
जेसीबी मशीनों से हटाया गया मलबा
रेस्क्यू अभियान के साथ-साथ जेसीबी मशीनों की मदद से सड़क पर जमा मलबा हटाने का काम भी शुरू किया गया। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के चलते महज 30 मिनट में पैदल यात्रियों के लिए मार्ग खोल दिया गया। बाद में सड़क को पूरी तरह साफ कर वाहनों की आवाजाही के लिए भी सुचारु कर दिया गया।
प्रशासन की यात्रियों से अपील
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि मौसम खराब होने की स्थिति में यात्रा के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है।