आखिर क्यों आमने-सामने आए हरियाणा और उत्तराखंड? वायरल वीडियो के बाद नेताओं ने की शांति की अपील

हरियाणा और उत्तराखंड के बीच बढ़ते विवाद ने सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक माहौल गर्म कर दिया। तनाव बढ़ने के बीच नेताओं, संतों और पुलिस प्रशासन ने लोगों से शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की।
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Uttarakhand-Haryana Tension: Uttarakhand-Haryana Tension Grows After Viral Rishikesh Incident
Image: Uttarakhand-Haryana Tension Grows After Viral Rishikesh Incident

ऋषिकेश: Rishikesh में 21 मई को हुई एक घटना के बाद उत्तराखंड और हरियाणा के बीच विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, बयानबाजी और बहिष्कार की मांगों ने इस मामले को सामाजिक और राजनीतिक स्तर तक पहुंचा दिया है। अब दोनों राज्यों की सरकारें और जनप्रतिनिधि लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं।

Uttarakhand-Haryana Tension Grows After Viral Rishikesh Incident

जानकारी के अनुसार हरियाणा से कुछ युवक घूमने के लिए ऋषिकेश पहुंचे थे। आरोप है कि उन्होंने एक स्थानीय युवती के साथ अभद्रता की। इसके बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और युवकों के साथ मारपीट की गई। आरोप है कि कुछ पर्यटकों की गाड़ियां भी तोड़ी गईं और उनके साथ बदसलूकी की गई। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तेजी से फैल गया। कुछ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की बयानबाजी ने विवाद को और भड़का दिया। देखते ही देखते मामला “उत्तराखंड बनाम हरियाणा” की बहस में बदल गया।

उत्तराखंड के बहिष्कार तक की उठी मांग

सोशल मीडिया पर कुछ हरियाणवी इन्फ्लुएंसर्स ने उत्तराखंड के खिलाफ बयान देना शुरू कर दिया। कुछ लोगों ने तो उत्तराखंड के बहिष्कार की बात भी कही। इसके बाद कई जगह हरियाणा नंबर की गाड़ियों को रोके जाने और दिल्ली-एनसीआर में उत्तराखंड के वाहन चालकों के विरोध की खबरें सामने आने लगीं। हाल के दिनों में Badrinath Temple में कुछ युवकों के वाहन की छत पर बैठकर शराब पीने का वीडियो वायरल हुआ। वहीं Dehradun में शराब के नशे में सड़क पर हंगामा और पुलिस से अभद्रता का मामला भी सामने आया। Kedarnath Temple में हुक्का ले जाने और Haridwar के गंगा घाटों पर अशोभनीय हरकतों के वीडियो भी वायरल हुए। इन घटनाओं के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी और बढ़ गई और पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी। आगे पढ़िए..

नेताओं और संतों ने संभाला मोर्चा

विवाद बढ़ने के बाद जनप्रतिनिधियों और संत समाज को हस्तक्षेप करना पड़ा। Satpal Brahmachari ने कहा कि कुछ लोगों की हरकतों के आधार पर पूरे राज्य को गलत नहीं कहा जा सकता। उन्होंने हरियाणा के लोगों से देवभूमि की संस्कृति और धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने की अपील की। उत्तराखंड सरकार के दर्जाधारी राज्य मंत्री Om Prakash Jamdagni ने कहा कि हरियाणा या दिल्ली नंबर की गाड़ियों को देखकर आक्रोश दिखाना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि कोई हुड़दंग करेगा तो पुलिस कार्रवाई करेगी, लेकिन किसी को कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है।

“देवभूमि ने हमेशा सबको अपनाया”

हरिद्वार के तीर्थ-पुरोहित Ujjwal Pandit ने कहा कि उत्तराखंड ने हमेशा देशभर के लोगों का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की गलत हरकतों के कारण दोनों राज्यों के बीच नफरत फैलाना उचित नहीं है। इस पूरे विवाद में सोशल मीडिया की भूमिका सबसे ज्यादा चर्चा में रही। कई वीडियो अधूरी जानकारी के साथ वायरल किए गए, जिसके बाद लोगों ने बिना तथ्य जांचे एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी शुरू कर दी।

पुलिस ने लोगों से की संयम बरतने की अपील

देहरादून SSP Pramendra Dobhal ने कहा कि पुलिस किसी राज्य, गाड़ी नंबर या व्यक्ति की पहचान देखकर कार्रवाई नहीं करती, बल्कि अपराध के आधार पर कार्रवाई की जाती है। उन्होंने लोगों से भड़काऊ पोस्ट शेयर न करने और अफवाहों से बचने की अपील की। उत्तराखंड देश का प्रमुख धार्मिक और पर्यटन राज्य है। हर साल लाखों श्रद्धालु और पर्यटक Char Dham Yatra समेत हरिद्वार, ऋषिकेश और मसूरी जैसे स्थानों पर पहुंचते हैं। ऐसे में बढ़ता विवाद प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गया है।