कफड़खान-सिरकोट-शैल मोटरमार्ग पर सुंदरपुर के पास ट्रैक्टर ट्रॉली खाई में गिरने से दो युवकों की मौत हो गई। एसडीआरएफ ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर शव बाहर निकाले। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Tractor trolley falls into a deep ditch two youths die
अल्मोड़ा: उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्र में एक बार फिर दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। कफड़खान-सिरकोट-शैल मोटरमार्ग पर गधोली क्षेत्र के सुंदरपुर के पास एक ट्रैक्टर ट्रॉली अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। हादसा इतना भीषण था कि ट्रैक्टर के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई, जबकि मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है।
Tractor trolley falls into a deep ditch, two youths die
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रैक्टर ट्रॉली संख्या UK 02 CA 0073 सुंदरपुर के पास चढ़ाई चढ़ रही थी। इसी दौरान चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और ट्रैक्टर ट्रॉली सड़क से फिसलकर कई मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और आसपास के लोग भी हादसा देखकर स्तब्ध रह गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। हालांकि दुर्घटनास्थल बेहद दुर्गम होने और खाई काफी गहरी होने के कारण राहत एवं बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण रहा। एसडीआरएफ के जवान रस्सियों की मदद से खाई में उतरे और कड़ी मशक्कत के बाद दोनों युवकों को बाहर निकाला। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।
मृतकों की पहचान
पुलिस के अनुसार हादसे में जान गंवाने वाले युवकों की पहचान चत्ते राजी और उमेश के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल और घटनास्थल की ओर रवाना हो गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। रेस्क्यू अभियान पूरा होने के बाद पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही दुर्घटनाग्रस्त ट्रैक्टर ट्रॉली को खाई से बाहर निकालने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। आगे पढ़िए..
प्रारंभिक जांच में वाहन के अनियंत्रित होने को दुर्घटना का मुख्य कारण माना जा रहा है। हालांकि पुलिस और प्रशासन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी खराबी, सड़क की स्थिति और चालक की भूमिका सहित हर बिंदु की जांच की जाएगी। इस हादसे के बाद पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। पिछले कुछ समय से पर्वतीय इलाकों में लगातार सड़क दुर्घटनाओं की घटनाएं सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर सड़क किनारे सुरक्षा दीवारें और क्रैश बैरियर नहीं हैं, जिससे छोटी सी चूक भी बड़े हादसे में बदल जाती है।
प्रशासन से सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की मांग
ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से खतरनाक मोड़ों पर सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सड़क किनारे मजबूत सुरक्षा दीवारें, चेतावनी संकेतक और नियमित वाहन जांच व्यवस्था लागू की जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।