देहरादून में दरिंदे ने बेहोश महिला के साथ किया दुष्कर्म, फिर मार डाला.. इसे उम्र कैद नहीं फांसी होनी चाहिए

देहरादून में बेहोश महिला से दुष्कर्म और हत्या के मामले में फास्ट ट्रैक पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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Dehradun Rape and Murder Case: Court Sentences Rape and Murder Convict Life Imprisonment in Dehradun
Image: Court Sentences Rape and Murder Convict Life Imprisonment in Dehradun

देहरादून: अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक) की अदालत ने वर्ष 2023 में हुई एक महिला की दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना जमा नहीं करने की स्थिति में उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

Court Sentences Rape and Murder Convict Life Imprisonment in Dehradun

जानकारी के अनुसार 31 जुलाई 2023 को हाथीबड़कला क्षेत्र में एक कूड़ेदान के पास एक महिला बेहोशी की हालत में मिली थी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला की मौत का कारण सिर पर गंभीर चोट बताया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए उसी दिन एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

जांच में सामने आया गंभीर अपराध

पुलिस जांच के दौरान आरोपी से पूछताछ और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर यह मामला सामने आया कि महिला के साथ कथित रूप से यौन हिंसा की गई थी और उसके बाद उसकी मौत हुई। आगे पढ़िए..

जांच एजेंसियों ने घटनास्थल से मिले जैविक साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य फॉरेंसिक साक्ष्यों को अदालत में पेश किया। महिला की पहचान और उसके परिजनों का पता लगाने के प्रयास भी किए गए, लेकिन सफलता नहीं मिली।

फॉरेंसिक साक्ष्य बने अहम आधार

अभियोजन के अनुसार, मामले में फॉरेंसिक जांच और घटनास्थल से जुटाए गए वैज्ञानिक साक्ष्य जांच के लिए महत्वपूर्ण साबित हुए। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मजबूत आरोपपत्र तैयार किया। अदालत में अभियोजन पक्ष ने 31 दस्तावेजी साक्ष्य और 9 गवाहों के बयान प्रस्तुत किए, जिनके आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया गया।

कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा

सभी साक्ष्यों और गवाहों पर विचार करने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही ₹25,000 का जुर्माना लगाया गया। यदि जुर्माना अदा नहीं किया जाता है तो दोषी को एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।