ऊखीमठ: MLA के क्षेत्र में उत्तराखंड पुलिस का कारनामा, शराब माफियाओं को बचाने के लिए तोड़ डाले CCTV?

रुद्रप्रयाग जिले के ऊखीमठ क्षेत्र में मुख्य मार्ग की दुकानों पर लगे CCTV कैमरे क्षतिग्रस्त मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों पर आरोप लगाए हैं।
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Ukhimath News: Uttarakhand police personnel broke CCTV to protect liquor mafia
Image: Uttarakhand police personnel broke CCTV to protect liquor mafia

रुद्रप्रयाग: केदार घाटी के ऊखीमठ क्षेत्र में मुख्य मार्ग पर लगे CCTV कैमरों के क्षतिग्रस्त होने की घटना ने स्थानीय लोगों में नाराजगी पैदा कर दी है। व्यापारियों और ग्रामीणों का कहना है कि ये कार्य उत्तराखंड पुलिस के जवानों द्वारा किया गया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

Uttarakhand police personnel broke CCTV to protect liquor mafia

क्षेत्र के कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि घटना में कथित रूप से पुलिसकर्मियों की भूमिका है। कुछ स्थानीय नागरिकों का यह भी दावा है कि यह हरकत क्षेत्र में अवैध शराब कारोबार को छिपाने के लिए की गई है। क्षेत्र में पुलिस द्वारा की जा रही अवैध शराब की ब्लैक मार्केटिंग को लेकर भी वीडियो सामने आए थे। इसके बाद रात को CCTV कैमरे क्षतिग्रस्त होने की घटना ने लोगों में पुलिस को लेकर गुस्सा और बढ़ा दिया है।

मेडिकल स्टोर संचालिका ने उठाए सवाल

सोशल मीडिया पर वायरल विडियो के अनुसार, ऊखीमठ स्थित एक मेडिकल स्टोर, जिसकी संचालिका प्रियंका राणा हैं, वहां के CCTV कैमरे कथित पुलिस जवान द्वारा क्षतिग्रस्त किये गए। बताया जा रहा है कि मुख्य सड़क की निगरानी करने वाले कई कैमरों को नुकसान पहुंचाया गया। आगे देखिये विडियो..

MLA आशा नौटियाल, SP निहारिका तोमर पर उठे सवाल

क्षेत्र में विशेष रूप से महिलाएं नशे के खिलाफ लगातार आवाज उठा रही हैं, रुद्रप्रयाग की पुलिस अधीक्षक (SP) वर्तमान में निहारिका तोमर (IPS) और सिटिंग MLA आशा नौटियाल दोनों महिलाएं हैं। विधायक आशा नौटियाल के क्षेत्र में, या कहें नाक के नीचे रुद्रप्रयाग पुलिस के जवानों द्वारा अवैध शराब की ब्लैक मार्केटिंग और रात को CCTV कैमरे क्षतिग्रस्त की घटनाओं ने दोनों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानान्दोलन के लिए तैयार रहे प्रशासन

केदार घाटी के विभिन्न गांवों में पिछले कुछ समय से महिलाएं नशे और अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ अभियान चला रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे क्षेत्र में नशे के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई की मांग लंबे समय से करते आ रहे हैं। कल की ये दोनों घटनाएं अवैध शराब के कारोबार में उत्तराखंड पुलिस की संलिप्तता पर मोहर लगा रही हैं। महिलाओं का कहना है कि उत्तराखंड पुलिस के इन कारनामों का जवाब और कारण पुलिस और प्रशासन को देना होगा नहीं तो क्षेत्र के लोग आन्दोलन करने को बाध्य होंगे।

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