उत्तराखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग (IMD) ने कई जिलों में भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। अगले तीन घंटों में भी कई क्षेत्रों में तेज बारिश और गरज-चमक की संभावना है।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Uttarakhand Weather Update 11 July 2026
देहरादून: उत्तराखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और राज्य के अधिकांश हिस्सों में लगातार बारिश का सिलसिला जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के देहरादून केंद्र के अनुसार शनिवार को कई जिलों में अत्यंत तीव्र से भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों, यात्रियों और चारधाम यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
Uttarakhand Weather Update 11 July 2026
आईएमडी के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार शनिवार को देहरादून, नैनीताल, पौड़ी गढ़वाल, उधम सिंह नगर, चम्पावत, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में कई स्थानों पर मूसलाधार बारिश हो सकती है। इसके अलावा ऊंचाई वाले क्षेत्रों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज वर्षा के दौर की भी संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने रात 9:25 बजे से अगले तीन घंटों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान चम्पावत, नैनीताल, उधम सिंह नगर, बागेश्वर, चमोली, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल, उत्तरकाशी और पौड़ी गढ़वाल जिलों के कई इलाकों में तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। आगे पढ़िए..
तापमान में भी आई गिरावट
मौसम विभाग के अनुसार राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान उधम सिंह नगर के पंतनगर में 30.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान टिहरी गढ़वाल में 14.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में ठंडक और बढ़ गई है। लगातार बारिश का असर चारधाम यात्रा पर भी देखने को मिल रहा है। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री मार्गों पर कई स्थानों पर भूस्खलन और मलबा आने की घटनाएं सामने आई हैं। इसके कारण कुछ मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ है और यात्रियों को सावधानी के साथ यात्रा करने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि अनावश्यक रूप से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के आसपास न जाएं। खराब मौसम के दौरान पर्वतीय यात्राओं से बचें। स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें। बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों और ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।