ऋषिकेश–बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिरोबगड़-खांकरा लैंडस्लाइड जोन में भारी भूस्खलन के कारण हाईवे बंद है। हजारों यात्री जाम में फंसे हैं। मौसम विभाग ने 15 जुलाई तक उत्तराखंड में बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Badrinath Highway Closed After Fresh Landslide in Sirobagad
रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के ऋषिकेश–बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित सिरोबगड़-खांकरा लैंडस्लाइड जोन में लगातार हो रही बारिश के कारण भारी भूस्खलन हुआ है। हाईवे बंद होने के चलते दोनों ओर लगभग 10 किलोमीटर लंबा जाम लग गया है। प्रशासन मलबा हटाने में जुटा है, जबकि मौसम विभाग ने 15 जुलाई तक राज्य के कई जिलों में बारिश और भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है।
Badrinath Highway Closed After Fresh Landslide in Sirobagad
चारधाम यात्रा के दौरान एक बार फिर ऋषिकेश–बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग का सबसे संवेदनशील हिस्सा सिरोबगड़-खांकरा लैंडस्लाइड जोन सुर्खियों में है। लगातार बारिश के बीच पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर गिरने के कारण शुक्रवार देर रात से हाईवे बंद है। प्रशासन और मशीनें लगातार मलबा हटाने में जुटी हैं, लेकिन ऊपर से लगातार गिरते पत्थरों के कारण राहत कार्य प्रभावित हो रहा है। हाईवे बंद होने के कारण दोनों ओर वाहनों की करीब 10 किलोमीटर लंबी कतार लग गई है। जाम में चारधाम यात्रा पर निकले श्रद्धालु, स्थानीय निवासी, पर्यटक और आवश्यक वस्तुओं से लदे वाहन घंटों से फंसे हुए हैं। लगातार बारिश और अनिश्चित इंतजार के कारण यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
छोटे वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से भेजा जा रहा
यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने छोटे वाहनों को वैकल्पिक छांतीखाल मोटर मार्ग से श्रीनगर की ओर भेजना शुरू किया है। हालांकि भारी वाहन अब भी राष्ट्रीय राजमार्ग पर ही रुके हुए हैं और मार्ग पूरी तरह खुलने का इंतजार कर रहे हैं।
बारिश और ठंड के बीच यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें
चारधाम यात्रा के दौरान अचानक मार्ग बंद होने से कई परिवारों को पूरी रात अपने वाहनों में ही बितानी पड़ी। लगातार बारिश, ठंड और लंबा इंतजार छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। आगे पढ़िए..
स्थानीय प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और यात्रियों से धैर्य बनाए रखने की अपील कर रहा है।
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, राजमार्ग से मलबा हटाने का कार्य लगातार जारी है। अधिकारियों का कहना है कि पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने के कारण कार्य में बाधा आ रही है। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ही मार्ग को यातायात के लिए खोला जाएगा।
तीन दशक से बना हुआ है संवेदनशील लैंडस्लाइड जोन
स्थानीय लोगों का कहना है कि सिरोबगड़ लैंडस्लाइड जोन पिछले लगभग 30 वर्षों से बदरीनाथ हाईवे का सबसे संवेदनशील हिस्सा बना हुआ है। हर मानसून में यहां भूस्खलन, लंबा जाम और यात्रा प्रभावित होने जैसी स्थिति बनती है, लेकिन अब तक इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
विशेषज्ञ और स्थानीय लोग कर रहे स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों का कहना है कि हर साल अस्थायी मरम्मत की बजाय वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर स्थायी सुरक्षा कार्य किए जाने चाहिए। उनका मानना है कि जब तक इस क्षेत्र का दीर्घकालिक उपचार नहीं होगा, तब तक प्रत्येक मानसून में चारधाम यात्रा और स्थानीय लोगों को इसी प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।