उत्तराखंड में मानसून की बारिश से हालात गंभीर बने हुए हैं। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग तीसरे दिन भी बंद है, चारधाम यात्रा प्रभावित हुई है और कई जिलों में अगले पांच दिनों तक भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Uttarakand Weather Update 13 July 2026
देहरादून: उत्तराखंड में लगातार हो रही मानसूनी बारिश ने जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। रविवार को कई इलाकों में बारिश की रफ्तार कुछ कम जरूर रही, लेकिन पिछले कई दिनों से हो रही मूसलाधार वर्षा के चलते पहाड़ी जिलों में हालात अभी भी चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। भूस्खलन, बंद सड़कें और उफनती नदियां लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनी हुई हैं।
Uttarakand Weather Update 13 July 2026
मौसम विभाग के अनुसार 13 जुलाई को देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही पर्वतीय इलाकों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज से अति तेज बारिश के दौर की चेतावनी भी दी गई है। प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने तथा मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।
पांच दिनों तक भारी बारिश
मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में अगले पांच दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताते हुए लोगों और यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। प्रशासन भी संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर बनाए हुए है। आगे पढ़िए..
चारधाम यात्रा इस समय सबसे अधिक प्रभावित हो रही है। उत्तरकाशी जिले के स्यानाचट्टी क्षेत्र में भूस्खलन से क्षतिग्रस्त यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग लगातार तीसरे दिन भी यातायात के लिए नहीं खुल पाया है। सड़क से मलबा हटाने और वैकल्पिक मार्ग तैयार करने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। वहीं भूस्खलन के कारण यमुना नदी में दोबारा झील बनने जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। संभावित खतरे को देखते हुए सिंचाई विभाग नदी के चैनलाइजेशन का कार्य तेजी से कर रहा है ताकि जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति से बचा जा सके।
कुमाऊं मंडल में 30 से अधिक सड़कें बंद
कुमाऊं क्षेत्र में शनिवार तक हुई भारी बारिश के बाद रविवार को मौसम ने कुछ राहत जरूर दी, लेकिन बारिश से हुए नुकसान अब भी सामने आ रहे हैं। पूरे कुमाऊं मंडल में 30 से अधिक सड़कें बंद हैं। अकेले पिथौरागढ़ जिले में तवाघाट-लिपुलेख, थल-मुनस्यारी और दारमा सहित 15 महत्वपूर्ण सड़कें भूस्खलन के कारण बाधित हैं। सड़क संपर्क टूटने से कई ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित हुआ है और स्थानीय लोगों को आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रमुख शहरों का तापमान
बीते रविवार को देहरादून का अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, पंतनगर में अधिकतम तापमान 34.7 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम 25.2 डिग्री सेल्सियस रहा। मुक्तेश्वर में अधिकतम 23.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 16.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि नई टिहरी में अधिकतम तापमान 24.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 16.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।