हरिद्वार की श्यामपुर रेंज में जंगली हाथी के हमले में वन गुर्जर एहसान की मौत हो गई। वन विभाग और पुलिस मामले की जांच में जुटी है। लोगों से आरक्षित वन क्षेत्र में सतर्क रहने की अपील की गई है।
-
राज्य समीक्षा डेस्क
-
Advertisement
Cheapest Chardham Yatra 2026 Package? The Price Will Shock You!
Planning Chardham in 2026? These 5 Packages Are Getting Booked Fast
Example Ads Media
Image: Haridwar Elephant Attack Man Killed in Forest
हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में जंगली हाथी के हमले में एक वन गुर्जर की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना श्यामपुर रेंज के कांसवाली बीट क्षेत्र की है, जहां गुरुवार सुबह घास लेने गए एक व्यक्ति पर हाथी ने हमला कर दिया। घटना के बाद वन विभाग और पुलिस मौके पर पहुंची तथा जांच शुरू कर दी गई है।
Haridwar Elephant Attack: Man Killed in Forest
जानकारी के अनुसार, गुर्जर समुदाय के एहसान गुरुवार सुबह आरक्षित वन क्षेत्र में घास लेने गए थे। इसी दौरान उनका सामना एक जंगली हाथी से हो गया। हाथी ने उन पर हमला कर कई बार पटक दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोग भी मौके पर पहुंच गए।
वन विभाग और पुलिस ने संभाला मोर्चा
सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम और श्यामपुर थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। मामले की जानकारी मिलते ही डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध भी अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
जांच में मिले हाथी की मौजूदगी के साक्ष्य
वन विभाग की प्रारंभिक जांच में घटनास्थल पर हाथी की मौजूदगी के प्रमाण मिले हैं। अधिकारियों ने घटनास्थल के फोटो, जीपीएस लोकेशन और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान सहित अन्य जरूरी साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जांच में यह भी सामने आया है कि मृतक अकेले जंगल में गया था, जहां उसका हाथी से आमना-सामना हो गया।
वन विभाग की लोगों से अपील
डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने लोगों से अपील की है कि हाथियों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतें और बिना आवश्यकता आरक्षित वन क्षेत्रों में प्रवेश न करें। एहतियात के तौर पर घटना स्थल के आसपास लोगों की आवाजाही पर भी रोक लगाई गई है। उधर, इस हादसे के बाद मृतक के परिवार में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।