चमोली जिले में लगातार बारिश से कर्णप्रयाग-नैनीसैंण मोटर मार्ग का हिस्सा वॉशआउट हो गया। कई ग्रामीण सड़कें बंद हैं, मलबा हटाने का कार्य जारी है और कई गांवों में पेयजल आपूर्ति भी बाधित हो गई है।
Image: Chamoli Landslides Block Karnaprayag-Simli Road
चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई है। कर्णप्रयाग क्षेत्र में भूस्खलन, बोल्डर गिरने और मलबा आने से कई मोटर मार्ग बाधित हो गए हैं। सबसे अधिक नुकसान कर्णप्रयाग-नैनीसैंण मोटर मार्ग पर हुआ है, जहां पहाड़ी से गिरे बोल्डरों के कारण करीब 30 मीटर सड़क पूरी तरह वॉशआउट हो गई है।
Chamoli Landslides Block Karnaprayag-Simli Road, Several Routes Closed
रविवार रात हुई भारी बारिश के बाद कर्णप्रयाग-नैनीसैंण मोटर मार्ग के किलोमीटर तीन पर भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर आ गए। इससे सड़क का बड़ा हिस्सा बह गया और वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने जेसीबी मशीनों से मलबा हटाने का कार्य शुरू किया, लेकिन लगातार पत्थर गिरने से राहत कार्य प्रभावित हो रहा है।
कई प्रमुख सड़कें भी रहीं प्रभावित
बारिश के चलते जिले के कई अन्य मोटर मार्गों पर भी मलबा आने से घंटों तक यातायात बाधित रहा। इनमें प्रमुख रूप से स्टेट हाईवे धारडुंग्री-मैखुरा-सोनला पिछले दो सप्ताह से बंद, नंदप्रयाग-घाट-सुतोल-कनोल मार्ग, सिमली-सैनू मार्ग, कर्णप्रयाग-कालूसैंण मार्ग, आदिबदरी-नौटी मार्ग, मालई गौचर-सिदोली मार्ग, सुगडबैंड-सिलपाटा मार्ग, कर्णप्रयाग-नौटी मार्ग, कांसुवा-चांदपुरगढ़ी मार्ग, बगोली-स्यान मार्ग और डिम्मर-सिमली मार्गों पर चार से छह घंटे तक वाहनों का संचालन प्रभावित रहा। आगे पढ़िए..
ग्रामीणों में नाराजगी, 8 अगस्त को होगी बैठक
कपीरी संघर्ष समिति के अध्यक्ष खिलदेव सिंह ने कहा कि पिछले दो वर्षों से कर्णप्रयाग-नैनीसैंण मार्ग बदहाल स्थिति में है। सड़क सुरक्षा और मरम्मत कार्य समय पर नहीं होने से लोगों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि 8 अगस्त को जस्यारा में ग्रामीणों की आम बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।
कई गांवों में पेयजल संकट
सिमली क्षेत्र में लगातार बारिश से टटासू-सैण-रयाल-बांगड़ी-केलापानी-सुमल्टा मोटर मार्ग भी बंद हो गया है। वहीं टटासू पुल के पास चट्टान खिसकने से सिमली-डिम्मर मार्ग भी चार घंटे तक बाधित रहा। बारिश के कारण टटासू गधेरे से गुजरने वाली पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे टटासू, विद्यापीठ, शिव मंदिर, न्यू डिम्मर और टौण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है।
कई स्थानों पर मलबा आने से मार्ग अवरुद्ध
पीएमजीएसवाई के जूनियर इंजीनियर सुधीर कुमार ने बताया कि लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर मलबा आने से मार्ग अवरुद्ध हो रहे हैं। विभाग की टीमें जेसीबी मशीनों की मदद से रास्ते खोलने में जुटी हैं। उन्होंने कहा कि बारिश थमने के बाद क्षतिग्रस्त सड़कों की स्थायी मरम्मत का कार्य शुरू किया जाएगा।