रुद्रप्रयाग के तालजामण गांव में लगातार बारिश के बीच जमीन दरकने और भूस्खलन से खतरा बढ़ गया है। जंदरियाण बडेथ थपोनी तोक में 10 परिवारों ने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण ली है।
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Image: 10 Families Forced to Leave Homes After Landslide in Rudraprayag
रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में लगातार हो रही बारिश ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तहसील बसुकेदार की ग्राम पंचायत तालजामण के जंदरियाण बडेथ थपोनी तोक में बारिश के बीच जमीन दरकने और भूस्खलन का सिलसिला तेज हो गया है। पहाड़ी से लगातार मलबा और पत्थर गिरने तथा जमीन में दरारें बढ़ने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। जान-माल के खतरे को देखते हुए 10 परिवारों ने एहतियातन अपने घर खाली कर सुरक्षित स्थानों पर शरण ली है।
10 Families Forced to Leave Homes After Landslide in Rudraprayag
ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण जमीन अस्थिर हो रही है। पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिर रहे हैं, जबकि जमीन में नई दरारें दिखाई दे रही हैं। ऐसे में ग्रामीणों को हर समय किसी बड़े हादसे की आशंका सता रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश रुकने के बाद भी खतरा पूरी तरह टला नहीं है, क्योंकि जमीन लगातार खिसक रही है।
पिछले साल की आपदा के बाद भी नहीं हुए सुरक्षा कार्य
ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले वर्ष आई आपदा के दौरान भी क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ था। उस समय प्रशासन और शासन की ओर से प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा दीवार समेत अन्य सुरक्षात्मक कार्य कराने का भरोसा दिया गया था। आगे पढ़िए..
ग्रामीणों का आरोप है कि समय रहते ये कार्य धरातल पर नहीं उतर सके। उनका कहना है कि यदि सुरक्षा दीवार और अन्य जरूरी इंतजाम पहले कर दिए जाते तो इस बार स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती।
10 परिवारों ने छोड़े घर
हालात बिगड़ने के बाद 10 परिवार अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। प्रभावित परिवारों को अपने घर, सामान और भविष्य की सुरक्षा की चिंता सता रही है। ग्रामीण सुरेंद्र सिंह, अनूप सिंह, आशीष राणा, श्रीपाल बिष्ट, द्वारिका, अनीता देवी और सुनीता देवी समेत अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्र में तत्काल सुरक्षा कार्य शुरू कराने की मांग की है।
राजस्व टीम ने किया निरीक्षण
घटना की सूचना मिलने के बाद राजस्व उपनिरीक्षक ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। टीम ने भूस्खलन और जमीन खिसकने की स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रभावित क्षेत्र का तकनीकी सर्वेक्षण कराया जाए और खतरे की जद में आने वाले परिवारों के लिए सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। लगातार बारिश और भूस्खलन के बीच जान-माल की सुरक्षा के लिए मौके पर तत्काल और स्थायी सुरक्षात्मक कार्य शुरू करना जरूरी है।