चंपावत में सावन उत्सव कार्यक्रम के दौरान गीता धामी ने यूसीसी, लैंड जिहाद, सत्यापन अभियान, धर्मांतरण कानून और मदरसों की कार्रवाई का जिक्र किया।
-
राज्य समीक्षा डेस्क
-
Advertisement
भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
Example Ads Media
Image: Geeta Dhami raised the issue of Jihad in Champawat
चम्पावत: उत्तराखंड में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में जुटे हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विधानसभा क्षेत्र चंपावत में सावन उत्सव कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री की पत्नी गीता धामी ने प्रदेश सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए लैंड जिहाद, लव जिहाद और धर्मांतरण जैसे मुद्दे उठाए।
Geeta Dhami raised the issue of 'Jihad' in Champawat
सेवा संकल्प फाउंडेशन की ओर से आयोजित सावन उत्सव कार्यक्रम में महिलाओं को संबोधित करते हुए गीता धामी ने कहा कि समाज में नियम और कानून का होना जरूरी है। उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC) का जिक्र करते हुए कहा कि इसके माध्यम से राज्य सरकार ने बेटियों को समान अधिकार देने की दिशा में काम किया है।
लैंड जिहाद और सत्यापन अभियान का किया जिक्र
गीता धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई की है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में 10 हजार एकड़ से अधिक भूमि पर कब्जे की बात सामने आई है, जिसे सरकार की ओर से लैंड जिहाद कहा गया है।
उन्होंने प्रदेश में चल रहे सत्यापन अभियान का भी जिक्र किया। गीता धामी ने कहा कि सत्यापन के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे लोगों के बारे में जानकारी सामने आ रही है, जिनकी पहचान और दस्तावेजों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आगे पढ़िए..
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग कथित तौर पर अपनी पहचान छिपाकर दूसरे नामों का इस्तेमाल कर रहे हैं और प्रदेश में रह रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने आसपास होने वाली ऐसी गतिविधियों के प्रति जागरूक रहें।
लव जिहाद और धर्मांतरण का भी उठाया मुद्दा
कार्यक्रम के दौरान गीता धामी ने लव जिहाद और धर्मांतरण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग पहचान छिपाकर लोगों को बहला-फुसलाकर धर्मांतरण जैसी गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सत्यापन अभियान के माध्यम से ऐसे मामलों की पहचान की जा रही है और नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
मदरसों और धर्मांतरण कानून का किया उल्लेख
गीता धामी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार ने अल्पसंख्यक शिक्षा बोर्ड और मदरसों को लेकर भी कदम उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने अवैध मदरसों के खिलाफ कार्रवाई की है।
इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश में लागू धर्मांतरण कानून का भी उल्लेख किया और कहा कि सरकार का उद्देश्य उत्तराखंड को सुरक्षित रखने के साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करना है।
2027 चुनाव से पहले सियासी मुद्दे हुए तेज
उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2027 में प्रस्तावित हैं। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही राजनीतिक दल जनता के बीच सक्रिय हो चुके हैं। चंपावत में गीता धामी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब प्रदेश में सत्यापन अभियान, यूसीसी, अवैध कब्जों, धर्मांतरण और अन्य मुद्दों को लेकर राजनीतिक बहस तेज है।
गीता धामी ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री धामी प्रदेश की जनता के लिए काम कर रहे हैं, ताकि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और बेहतर उत्तराखंड दिया जा सके।