पौड़ी में ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष पद को लेकर विवाद गहरा गया है। हरिमोहन जुयाल ने कथित फर्जी हस्ताक्षर और मुहर के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए डीएम से शिकायत की है। मामले की जांच डीपीआरओ को सौंपी गई है।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Pauri Gram Pradhan Organization Dispute Escalates
पौड़ी गढ़वाल: विकासखंड पौड़ी में ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष पद को लेकर विवाद गहरा गया है। शुक्रवार को एक नए ग्राम प्रधान संगठन के गठन और अध्यक्ष के चयन के दावे के बाद मौजूदा ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष हरिमोहन जुयाल सहित कई ग्राम प्रधानों ने सोमवार को जिलाधिकारी पौड़ी से मुलाकात कर शिकायत दर्ज कराई।मामले को लेकर जिलाधिकारी ने जांच के निर्देश दिए हैं।
Pauri Gram Pradhan Organization Dispute Escalates
ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष हरिमोहन जुयाल का आरोप है कि ग्राम प्रधानों से मनरेगा की समस्याओं के समाधान के नाम पर हस्ताक्षर करवाए गए। बाद में इन्हीं हस्ताक्षरों का इस्तेमाल कथित रूप से एक नए ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष के चयन के लिए किया गया।
शिकायत में कहा गया है कि एक दस्तावेज पर करीब 38 हस्ताक्षर दर्ज हैं, जबकि इनमें से केवल 27 स्थानों पर ही मुहर लगी हुई है। कुछ मुहरों की स्पष्टता को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। एक ग्राम प्रधान ने स्वयं जिलाधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर अपनी मुहर और हस्ताक्षर के कथित दुरुपयोग की शिकायत की है।
2025 में चुनाव जीतने का दावा
हरिमोहन जुयाल ने बताया कि दिसंबर 2025 में ग्राम प्रधान संगठन के चुनाव हुए थे। अध्यक्ष पद के लिए चार ग्राम प्रधान मैदान में थे। कुल 58 मतों में से उन्हें सबसे अधिक 24 मत मिले थे और इसी आधार पर उन्हें ग्राम प्रधान संगठन पौड़ी का अध्यक्ष चुना गया था। उनके अनुसार बाद में प्रदेश स्तर पर उन्हें संगठन में सचिव की जिम्मेदारी भी दी गई। आगे पढ़िए..
नए अध्यक्ष के दावे पर जताई आपत्ति
जुयाल के मुताबिक शुक्रवार को उन्हें जानकारी मिली कि ग्राम प्रधान शंकर नौटियाल ने कुछ प्रधानों से मनरेगा संबंधी समस्याओं के समाधान के नाम पर हस्ताक्षर करवाए और बाद में उन्हीं हस्ताक्षरों के आधार पर स्वयं को ग्राम प्रधान संगठन का ब्लॉक अध्यक्ष घोषित कर दिया। हरिमोहन जुयाल ने कहा कि यदि किसी ग्राम प्रधान को उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना है तो इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए। इसके बाद लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव कराया जाए और जो प्रत्याशी जीत हासिल करे, उसे अध्यक्ष चुना जाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ प्रधानों से पूरी जानकारी दिए बिना कोरे कागज पर हस्ताक्षर और मुहर लगवाई गई, जिनका बाद में कथित रूप से इस्तेमाल किया गया।
डीएम ने डीपीआरओ को सौंपी जांच
मामले को लेकर हरिमोहन जुयाल और अन्य ग्राम प्रधानों ने जिलाधिकारी पौड़ी स्वाति एस. भदौरिया से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। शिकायत के साथ कुछ ग्राम प्रधानों के हस्ताक्षर और मुहर के नमूने भी उपलब्ध कराए गए हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है और इसकी जांच जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ), पौड़ी को सौंप दी गई है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष पद को लेकर चल रहे विवाद में दोनों पक्षों के दावों और दस्तावेजों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।