केदारनाथ में यात्री की अचानक बिगड़ी तबीयत, जिला प्रशासन ने हेली एंबुलेंस से एम्स ऋषिकेश पहुंचाया

केदारनाथ धाम में 39 वर्षीय यात्री मुकेश सिंह की अचानक तबीयत बिगड़ गई। सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने हेली एंबुलेंस की व्यवस्था कर उन्हें एम्स ऋषिकेश रेफर कराया।
Advertisement ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते

प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

Example Ads Media
Kedarnath Heli-Ambulance: Kedarnath Pilgrim Falls Ill Airlifted to AIIMS Rishikesh
Image: Kedarnath Pilgrim Falls Ill Airlifted to AIIMS Rishikesh

रुद्रप्रयाग: केदारनाथ धाम में बुधवार को एक यात्री की अचानक तबीयत बिगड़ने पर जिला प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए हेली एंबुलेंस की व्यवस्था कराई। 39 वर्षीय मुकेश सिंह को सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद बेहतर उपचार के लिए हवाई मार्ग से एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया।

Kedarnath Pilgrim Falls Ill, Airlifted to AIIMS Rishikesh

बुधवार सुबह स्वामी विवेकानंद धर्मार्थ चिकित्सालय, केदारनाथ से मरीज की गंभीर स्थिति को लेकर जिला प्रशासन को आपात सूचना मिली। चिकित्सालय के डॉ. धनवीर ने हेली एंबुलेंस उपलब्ध कराने के लिए अनुरोध पत्र भेजा।
चिकित्सक के अनुसार, मुकेश सिंह के सीने में तेज दर्द था और उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई थी। उन्हें तत्काल उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा की जरूरत थी, जिसके चलते एम्स ऋषिकेश रेफर करने की सलाह दी गई।

प्रशासन ने तुरंत कराई हेली एंबुलेंस की व्यवस्था

मरीज की गंभीर स्थिति की सूचना मिलते ही जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने के साथ उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) के अधिकारियों से समन्वय स्थापित किया। प्रशासन के त्वरित प्रयासों के बाद मरीज को केदारनाथ से हवाई मार्ग के जरिए एम्स ऋषिकेश पहुंचाने की व्यवस्था की गई।

समय पर मिला इलाज

चिकित्सकों के अनुसार, समय पर उपचार नहीं मिलने की स्थिति में मरीज की परेशानी और गंभीर हो सकती थी। हेली एंबुलेंस के जरिए उन्हें जल्द उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई। मरीज को एम्स ऋषिकेश पहुंचाया गया है, जहां उसका उपचार किया जा रहा है। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से गंभीर स्थिति में यात्री को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सकी।