निठारी कांड के मामलों में बरी हो चुके सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में हुई मौत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ गई है। पुलिस के मुताबिक रिपोर्ट में गले में फंदा लगने से दम घुटना मौत की वजह बताई गई है।
-
राज्य समीक्षा डेस्क
-
Advertisement
No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
Example Ads Media
Image: Surendra Koli Death Postmortem Confirms Hanging
हरिद्वार: निठारी कांड के मामलों में बरी हो चुके सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में हुई संदिग्ध मौत को लेकर पुलिस की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ गई है। पुलिस के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की प्रमुख वजह गले में फंदा लगने से दम घुटना बताई गई है। कोली 18 सितंबर को हरिद्वार के सप्तऋषि क्षेत्र में अपनी चाय की दुकान में मृत मिला था। शुरुआती जांच में पुलिस ने फांसी लगाकर आत्महत्या की आशंका जताई थी, लेकिन मौके की परिस्थितियों और नाक-मुंह से खून निकलने को लेकर परिजनों तथा कुछ लोगों ने सवाल उठाए थे।
Surendra Koli Death: Postmortem Confirms Hanging
पुलिस के अनुसार जब टीम मौके पर पहुंची तो सुरेंद्र कोली का शव जमीन पर पड़ा था और रस्सी टूटी हुई थी। उसके गले में फंदा लगा हुआ था। पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, फांसी लगाने के दौरान गले पर फंदा कसने से दम घुटने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। रस्सी टूटने के बाद वह जमीन पर गिर गया, लेकिन पुलिस का कहना है कि तब तक फंदे के कारण उसकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी।
नाक और मुंह से खून निकलने पर उठे थे सवाल
कोली की मौत के बाद मौके पर उसके नाक और मुंह से खून निकलने की बात सामने आई थी। इसी आधार पर कुछ लोगों और परिजनों ने मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए हत्या की आशंका जताई थी। पुलिस ने अब इस संबंध में कहा है कि फांसी के दौरान शरीर में दबाव बनने और दम घुटने की प्रक्रिया के चलते नाक या मुंह से खून निकलना संभव है। पुलिस के अनुसार, इसे अपने आप में हत्या का प्रमाण नहीं माना जा सकता। आगे पढ़िए..
हरिद्वार में चाय की दुकान चला रहा था कोली
पुलिस के मुताबिक सुरेंद्र कोली कुछ महीने पहले हरिद्वार आया था। यहां वह ‘सदा राम’ नाम से रह रहा था। इससे पहले उसने रोशनाबाद में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी भी की थी। बाद में उसने लाल माता मंदिर के सामने चाय की दुकान शुरू की थी। उसकी मौत 18 सितंबर को इसी चाय की दुकान में हुई थी। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला था।
निठारी कांड के सभी मामलों में हो चुका था बरी
सुरेंद्र कोली का नाम 2006 के चर्चित निठारी मामले से जुड़ा रहा। नोएडा के सेक्टर-31 स्थित एक बंगले के पास बच्चों और महिलाओं के कंकाल मिलने के बाद यह मामला देशभर में चर्चा में आया था। कोली को लंबे समय तक इन मामलों में आरोपी के तौर पर जेल में रखा गया और अलग-अलग मामलों में उसे मौत की सजा भी सुनाई गई थी। हालांकि बाद में अदालतों में उसके खिलाफ मामलों का घटनाक्रम बदला। सुप्रीम कोर्ट ने 2025 में उसे निठारी से जुड़े सभी 13 मामलों में बरी कर दिया था।
परिजनों ने हत्या की आशंका जताई थी
कोली की मौत के बाद उसके परिजनों ने परिस्थितियों पर सवाल उठाए थे और उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी। परिवार की ओर से खास तौर पर नाक और मुंह के आसपास मिले खून तथा रस्सी के टूटे होने का मुद्दा उठाया गया था। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस का कहना है कि मौत फांसी से दम घुटने के कारण हुई। हालांकि पुलिस की जांच में मौत से जुड़े घटनाक्रम और कोली के हरिद्वार में बिताए अंतिम दिनों की परिस्थितियों को भी देखा जा रहा है।