देहरादून: पति के परिवार रजिस्टर में दूसरी पत्नी का नाम कैसे आया? महिला ने RTI से मांगा जवाब

देहरादून की महिला ने परिवार रजिस्टर में दूसरी पत्नी और बच्चों के नाम दर्ज होने पर RTI से जवाब मांगा, सूचना आयोग ने पंचायत अधिकारी को 10 दिन में शपथ पत्र देने का आदेश दिया।
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Uttarakhand Latest News: Dehradun Family Register Dispute Woman Seeks Answers Through RTI
Image: Dehradun Family Register Dispute Woman Seeks Answers Through RTI

देहरादून: राजधानी देहरादून के क्लेमेंटाउन की एक महिला ने परिवार रजिस्टर में पति के साथ दूसरी महिला को पत्नी और उसके बच्चों के पिता के रूप में पति का नाम दर्ज किए जाने पर सवाल उठाए हैं। राज्य सूचना आयोग ने पंचायत विकास अधिकारी को 10 दिन के भीतर शपथ पत्र दाखिल कर स्थिति स्पष्ट करने का आदेश दिया है।

Dehradun Family Register Dispute: Woman Seeks Answers Through RTI

उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले से परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज करने से जुड़ा मामला सामने आया है। देहरादून के क्लेमेंटाउन निवासी एक महिला ने सवाल उठाया है कि परिवार रजिस्टर में उनके पति के नाम के साथ दूसरी महिला को पत्नी के रूप में कैसे दर्ज किया गया। साथ ही, दूसरे बच्चों के पिता के नाम के स्थान पर उनके पति का नाम दर्ज किए जाने का आधार भी पूछा गया है। महिला ने सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत संबंधित दस्तावेजों की प्रमाणित जानकारी मांगी, जिनके आधार पर परिवार रजिस्टर में ये बदलाव किए गए थे।

2013 के रजिस्टर में दर्ज था पहली पत्नी और बच्चों का नाम

मामला राज्य सूचना आयुक्त कुशला नंद कोठियाल के समक्ष पहुंचा। आगे पढ़िए..

सुनवाई के दौरान संबंधित पंचायत विकास अधिकारी ने स्वीकार किया कि वर्ष 2013 के परिवार रजिस्टर में अपीलार्थिनी का नाम पत्नी के रूप में दर्ज था। उनके बच्चों के नाम भी परिवार रजिस्टर में शामिल थे। हालांकि, वर्ष 2018 के परिवार रजिस्टर में संबंधित व्यक्ति की पत्नी और बच्चों के नाम अलग दर्ज पाए गए। इससे परिवार रजिस्टर में हुए बदलावों के आधार को लेकर सवाल खड़े हुए।

अधिकारी नहीं दे सके जवाब

महिला ने यह जानना चाहा कि पत्नी के नाम और बच्चों के विवरण में बदलाव किस आधार पर किया गया और इसके लिए कौन से दस्तावेज प्रस्तुत किए गए थे। पंचायत विकास अधिकारी ने सूचना उपलब्ध न होने का हवाला देते हुए बदलाव के कारण बताने में असमर्थता जताई। इसके बाद मामला राज्य सूचना आयोग के समक्ष विचाराधीन रहा।

10 दिन में शपथ पत्र दाखिल करने का आदेश

मामले की सुनवाई के बाद राज्य सूचना आयोग ने पंचायत विकास अधिकारी को निर्देश दिया कि वे पूरे मामले की वस्तुस्थिति स्पष्ट करें और 10 दिनों के भीतर शपथ पत्र दाखिल करें। आयोग ने विशेष रूप से परिवार रजिस्टर में पत्नी के नाम में बदलाव के आधार को स्पष्ट करने का आदेश दिया है। अब संबंधित अधिकारी को यह बताना होगा कि रिकॉर्ड में बदलाव किन परिस्थितियों में हुआ और उसके समर्थन में उपलब्ध दस्तावेजों की स्थिति क्या है।