देवभूमि में शुरू होगा देश का पहला डॉप्लर रडार सेंटर, 6 महीने में ऐतिहासिक उपलब्धि

उत्तराखंड में देश का पहला डॉप्लर रडार सेंटर शुरू होने जा रहा है। इस बार पौड़ी, मसूरी और मुक्तेश्वर से इन सेंटरों की शुरुआत होगी, जो कि रोजगार के लिए अच्छा कदम है।
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Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.

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mukteswar: doppler radar center to start in uttarakhand
Image: doppler radar center to start in uttarakhand

: उत्तराखंड के लिए लिए ये किसी उपलब्धि से कम नहीं है। देश का पहला डॉप्लर रडार सेंटर उत्तराखंड से शुरू होगा। उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों से एक नहीं बल्कि तीन तीन डॉप्लर रडार सेंटर शुरू होने जा रहे हैं। ज़ाहिर सी बात है कि रोजगार की दिशा में भी ये एक बड़ा कदम है। उत्तराखंड के तीन स्थानों मसूरी, पौड़ी और मुक्तेश्वर में डॉप्लर रडार सेंटर शुरू होने जा रहा है। पहला डॉप्लर रडार सेंटर 6 से 8 महीने के भीतर कुमाऊं के मुक्तेश्वर से काम करना शुरू कर देगा। अब आपको इसकी खासियत भी बता देते हैं। उत्तराखंड में डॉप्लर रडार की मांग लंबे वक्त से उठ रही थी। साल 2013 में केदारनाथ जलप्रलय के बाद इस मांग ने तो और भी ज्यादा ज़ोर पकड़ दिया था। इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने मौसम की सटीक जानकारी के लिए देशभर में 55 डॉप्लर रडार सेंटर स्थापित करने का फैसला किया था।

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उत्तराखंड के हिस्से में कुल मिलाकर 3 डॉप्लर रडार आए हैं। रडार सेंटरों को स्थापित करने के लिए जमीन और बुनियादी सुविधाएं प्रदेश सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है। रडार सेंटर को केंद्र सरकार की मदद से मौसम विभाग स्थापित करेगा। अब ये भी जान लीजिए कि आखिर डॉप्लर रडार कैसे काम करता है। डॉप्लर रडार के जरिए वातावरण में रेडियो तरंगे भेजी जाती हैं। ये तरंगे पानी की बूंदों और धूल कणों से टकराकर वापस लौटती हैं और कम्प्यूटर इन्हें नोटिस करके एक चित्र तैयार करता है। इससे बादलों की ऊंचाई, सघनता और गति मापी जा सकती है। यानी मौसम का सबसे सटीक पूर्वानुमान इससे लगाया जा सकता है। ये रडार 100 किलोमीटर के रेडियस में मौसम में एक एक सेकंड में होने वाले फेरबदल का अध्ययन करता है।

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इसके बाद ये रडार मौसम के व्यापक स्वरूप और प्रभाव क्षेत्र की जानकारी देगी। इससे पहले ही उन जगहों में सारी सावधानियां बरती जाएंगी, जहां कुछ बड़ा होने की जानकारी रडार से मिलेगी। पर्यटन और कृषि के क्षेत्र में इससे लाभकारी बदलाव आने की उम्मीद है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के निदेशक बिक्रम सिंह का कहना है कि मुक्तेश्वर के अलावा गढ़वाल मंडल में दो डॉप्लर रडार लगाए जाने हैं। मसूरी और पौड़ी में दो और रडार सेंटर लगाए जाने का प्लान है। मसूरी में जमीन का निरीक्षण हो चुका है। मुक्तेश्वर में ये सेंटर 6 महीने में शुरू होने की संभावना है। पौड़ी में भी जल्द ही इस बाबत काम शुरू कर लिया जाएगा। कुल मिलाकर कहें तो उत्तराखंड के लिए ये एक बेहतरीन खबर साबित हो सकती है।