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90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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: देवभूमि कहे जाने वाले उत्तराखंड में जहां चार धाम मौजूद है,तो यहां कई मंदिर और सिद्धपीठ भी है । पौराणिक कथाओं में कहा गया है कि जहां जहां मां सती के शरीर के अंग गिरे है वहां वहां सिद्ध पीठ की संरचना हुई है। उत्तराखंड में कई ऐसे सिद्धपीठ है जो भक्तों के लिए आस्था का केंद्र है। जहां जाकर सिर्फ सिर झुकाने भर से मां सबकी मुरादें पूरी कर देती है।ऐसे ही प्रमुख सिद्धपीठों में शामिल है मां सुरकंडा देवी का मंदिर। उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल में सुरकुट पर्वत पर स्थित ये भव्य मंदिर स्थापित है। भौगोलिक दृष्टि से ये मंदिर धनोल्टी और काणाताल के बीच स्थित है। ये इकलौता ऐसा सिद्धपीठ है जहां गंगा दशहरे के मौके पर मेला लगता है। मान्यता है कि जब राजा भागीरथ गंगा को पृथ्वी पर लाए तो उस समय शिव की जटाओं से गंगा की एक धारा निकलकर सुरकुट पर्वत पर गिरी। इसके प्रमाण के रूप में मंदिर के नीचे की पहाड़ी पर जलस्रोत फूटता है।