आजकल गूगल मैप का हर कोई इस्तेमाल कर रहा है। लेकिन इस गूगल मैप ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को रास्ता भटका दिया। आप भी पढ़िए।
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कपिल
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Image: union minister smriti irani in roorkie
: आपने भी कई बार रास्ते का पता करने के लिए गूगल मैप का इस्तेमाल किया होगा। लेकिन यहां गूगल मैप की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठना लाज़मी है। दरअस केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी को थोम्सो कार्यक्रम में भाग लेने के लिए कल शाम 6 बजे रूड़की पहुंचना था। इस कार्यक्रम के लिए स्मृति ईरानी बकायदा वक्त पर दिल्ली से चल पड़ीं थीं। हुआ यूं कि उत्तराखंड बार्डर पर पहुंचने पर उन्हें उत्तराखंड पुलिस की तरफ से एस्कार्ट नहीं मिली। ऐसे में उनकी गाड़ी अकेले ही आगे बढ़ती जा रही थी। वो कुछ दूर पहुंची तो आईआईटी रूड़की का रास्ता भटकने लगीं। एक वेबसाइट में छपी खबर के मुताबिक उन्होंन गूगल मैप खोला और इसी मैप के सहारे आगे बढ़ती चलीं गईं। वो काफी दूर तक आगे बढ़ीं तो उन्हें रास्ता भटकने का अहसास हो गया।
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इस बीच उन्होंने एक राह चलते शख्स से रूड़की का पता पूछा। राहगीर ने बताया कि वो सहारनपुर के पास पहुंच गई हैं। इसके बाद राहगीर ने ही उन्हें रूड़की रास्ता बताया। हालांकि इस बीच रास्ते में उन्हें उत्तराखंड पुलिस की एस्कार्ट भी मिल गई। पुलिस एस्कार्ट ही केंद्रीय कपड़ा मंत्री को आईआईटी रूड़की लेकर पहुंची। इसके बाद कार्यक्रम में स्मृति ईरानी डेढ़ घंटे लेट हुईं तो उन्होंने खुद ही इस बात की जानकारी भी दी। स्थानीय पुलिस और प्रशासन की बड़ी लापरवाही भी इस मामले में सामने आई है। अगर पुलिस को पहले से ही इस बात की जानकारी थी कि केंद्रीय कपड़ा मंत्री रुड़की पहुंच रही हैं, तो उन्हें बॉर्डर पर एस्कॉर्ट करने क्यों नहीं आया गया ? एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने इस बारे में कुछ जानकारी दी हैं। इस बारे में भी जानिए ।
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एसपी देहात मणिकांत मिश्रा का कहना है कि केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के रुड़की पहुंचने की सूचना मिली थी। उनका कहना है कि सूचना के आधार पर पुलिस एस्कार्ट वक्त रहते नारसन बार्डर पर पहुंच गई थी। उनके मुताबिक पुलिस एस्कार्ट काफी देर तक केंद्रीय मंत्री का इंतजार करती रही। इसी बीच उन्हें खबर मिली कि केंद्रीय कपड़ा मंत्री गलत रास्ते पर पहुंच गई हैं। ऐसे में उनकी लोकेशन लेकर एस्कार्ट द्वारा उन्हें रुड़की आईआईटी लाया गया। कुल मिलाकर कहें तो ये मामला सुरक्षा की दृष्टि से भी काफी संवेदनशील हो सकता था। खैर डेढ़ घंटे बाद केंद्रीय कपड़ा मंत्री आईआईटी रूड़की पहुंची और फिर छात्रों को संबोधित भी किया। इस दौरान छात्रों से कई मसलों पर बातचीत हुई।