उत्तराखंड पुलिस के चार सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया गया है। कुख्यात बदमाश प्रवीण डागर की फरारी मामले में ये कदम उठाया गया है।
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कपिल
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Image: Uttarakhand police four sipahi suspended
हरिद्वार: उत्तराखंड पुलिस पर लापरवाही का सवालिया निशान लगा है। दो दिन पहले कुख्यात बदमाश प्रवीण डागर पुलिस के चंगुल से फरार हो गया था। इस मामले में एसएसपी रिधिमा अग्रवाल ने एक हेड कांस्टेबल और तीन कांस्टेबलों को सस्पेंड किया है। इस पूरे मामले की जांच का जिम्मा हरिद्वार पुलिस लाइन सीओ को सौंपा गया है। आपको बता दें कि हाल ही में कुख्यात प्रवीण डागर को रुड़की जेल में शिफ्ट किया गया था। तीन दिन पहले प्रवीण डागर की राजस्थान में एक मामले में पेशी थी। प्रवीण डागर दिल्ली के झड़ौदा का रहने वाला है। फिलहाल वो रुड़की जेल में बंद था। डागर पर रुड़की में लाखों की धोखाधड़ी समेत कई केस दर्ज हैं। इसके अलावा उस पर दिल्ली, राजस्थान में करीब 20 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं।
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14 जुलाई को प्रवीण डागर को रुड़की कोर्ट में पेशी पर आया था। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने डागर को रुड़की जेल में शिफ्ट कर दिया गया था। उस वक्त से आरोपी रूड़की जेल में ही रह रहा था। पुलिस के मुताबिक 29 अक्तूबर को प्रवीण डागर की राजस्थान में पेशी थी क्योंकि उस पर राजस्थान में भी आपराधिक केस चल रहे हैं। हरिद्वार पुलिस लाइन में तैनात हेड कांस्टेबल सुभाष, कांस्टेबल अंकित, हरविंद्र और राजदीप की देखरेख में प्रवीण को राजस्थान पेशी पर ले जाया गया। वहां से लौटते वक्त 30 अक्तूबर को चारों सिपाही प्रवीण डागर को उसके गांव झड़ौदा ले गई। बताया जा रहा है कि अधिकारियों परमीशन के बिना ही इसे झड़ौदा गांव ले जाया गय़ा। यहां प्रवीण डागर ने मौका तलाशा और पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया।
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दिल्ली के पुलिस के अधिकारियों ने इसकी जानकारी हरिद्वार की एसएसपी रिधिमा अग्रवाल को दी। अब लापरवाही बरतने के मामले में एसएसपी ने चारों सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया है। मामले की जांच हरिद्वार पुलिस लाइन सीओ प्रकाश देवली को सौंपी गई है। ये पहली बार नहीं है जब ऐसा हुआ है। इससे पहले कुख्यात बदमाश अमित भूरा भी पेशी के दौरान फरार हो गया था। बताया जा रहा है कि अमित भूरा पुलिस की आंख में मिर्च पाउडर झोंककर फरार हुआ था। इतना ही नहीं कुख्यात बदमाश ने इस दौरान पुलिस वालों की एके-47 और एसएलआर भी छीन ली थी। सवाल ये है कि सूबे की पुलिस ने भूरा की फरारी होने के बाद भी सबक नहीं लिया ? एक बार फिर उत्तराखंड पुलिस को फजीहत उठानी पड़ रही है। देखना है कि इस मामले में आगे क्या होता है।