रणजी ट्रॉफी के पहले मैच में पहाड़ के लड़के ने अपनी गेंदबाजी से साबित कर दिया है कि इस खेल में वो लंबी रेस के घोड़े हैं।
-
कपिल
-
Advertisement
Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
Example Ads Media
Image: Deepak dhapola of uttarakhand team
: उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के लड़के ने अपनी गेंदबाज़ी से साबित कर दिखाया है कि वो आने वाले वक्त में भारतीय क्रिकेट टीम में शामिल होने का दम रखते हैं। दीपक धपोला बागेश्वर के रहने वाले हैं। बताया जाता है कि उनकी मां ने मजदूरी कर अपने बेटे को पाला है। बताया जाता है कि बचपन से ही दीपक धपोला के दिल क्रिकेट को लेकर जुनून था और ये ही जुनून उन्हें बागेश्वर से दिल्ली ले आया। दिल्ली में वो अपने चाचा के साथ रहे। उस वक्त तक उत्तराखंड क्रिकेट बोर्ड नहीं था, तो दीपक दर दर भटके। अपने खेल से उन्होंने चयनकर्ताओं को प्रभावित भी किया और बताया जाता है कि दीपक का दिल्ली की रणजी टीम में सलेक्शन भी हुआ लेकिन यहां भी मेहनत के आगे किस्मत जीत गई। दूसरे राज्य का होने के चलते दिल्ली में उन्हें खेलने का मौका ही नहीं मिला।
यह भी पढें - खुशखबरी: उत्तराखंड ने जीता पहला रणजी मैच, बिहार को मात देकर बनाया बड़ा रिकॉर्ड
अब दीपक को आखिरकार उत्तराखंड की टीम में मौका मिला, तो उन्होंने इस मौके को अच्छी तरह से भुनाया। रणजी ट्रॉफी के पहले ही मैच में दीपक धपोला ने अपने गेंदबाजी के हुनर से सभी को हैरान कर दिया। मजबूत मानी जाने वाली बिहार की टीम के खिलाफ पहली पारी में 6 विकेट लिए और दूसरी पारी में 3 विकेट चटकाए। पहली पारी में विकास रंजन, कुमार रजनीश, बाबुल कुमार, विवेक मोहन, केशव कुमार और कादरी को आउट करके उत्तराखंड की राह आसान की और दूसरी पारी में आशुतोष अमन, कादरी और अनुनय सिंह को आउट कर उत्तराखंड की टीम के लिए जीत के दरवाजे खोल दिए। इस शानदार गेंदबाजी के चलते दीपक धपोला को पहले ही रणजी मैच में मैन ऑफ द मैच चुना गया। साबित हो गया कि प्रतिभा और हुनर के आगे किस्मत एक ना एक दिन हार जरूर मान लेती है।
यह भी पढें - रणजी ट्रॉफी: उत्तराखंड ने बिहार को 60 रन पर निपटाया, पहाड़ के छोरे की धाकड़ गेंदबाज़ी
उम्मीदों में बड़ी ताकत होती है..उम्मीद है, तो जीत निश्चित है और उत्तराखंड की पहली रणजी टीम ने इस बात को साबित कर दिखाया। बिहार की टीम के हाथों ही उत्तराखंड की टीम को विजय हजारे ट्रॉफी के पहले मैच में हार झेलनी पड़ी थी। लेकिन इस बार उत्तराखंड की टीम ने पहली ही इनिंग में अपने इरादे साफ कर दिए थे। बागेश्वर के दीपक धपोला ने तो अपनी गेंदबाजी से कहर ही बरपा दिया। उत्तराखंड की टीम ने टॉस जीतकर पहले फील्डिंग का फैसला लिया तो दीपक धपोला ने इस फैसले को सही साबित कर दिखाया। अपने पहले ओवर की तीसरी गेंद पर ही धपोला ने विकास रंजन को आउट कर दिया। इसके बाद पहले ही ओवर की पांचवी गेंद पर भी दीपक धपोला ने बाबुल कुमार को पवेलियन भेज दिया और बिहार की बल्लेबाज़ी की कमर तोड़ दी। इस बेहतरीन खेल के लिए दीपक धपोला को हार्दिक शुभकामनाएं।