उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में मौजूद विकास भवन में भूतों के डर से हवन और यज्ञ करवाया गया। यहां के अधिकारी कह रहे हैं कि यहां डरावनी आवाज़ें आती हैं।
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मोहित रावत
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Image: ghost is in rudraprayag vikas nigam office says reports
रुद्रप्रयाग: आस्था और अंधविश्वास के बीच एक महीन सी लकीर होती है। लकीर के इस पार आस्था और उस पार अंधविश्वास...आमतौर पर तो ये ही कहा जाता है लेकिन रुद्रप्रयाग जिले में मौजूद आवास विकास भवन को लेकर कुछ बड़ी बातें कही जा रही हैं। एक वेबसाइट के मुताबिक रुद्रप्रयाग जिले के विकास भवन के अधिकारियों के द्वारा ही कहा जा रहा है कि यहां भूतों का बसेरा है। खबर के मुताबिक बीते 3 सालों से इस जगह को भूतों का बसेरा बताया गया और उन्हें भगाने के लिए यज्ञ-अनुष्ठान और अखंड रामायण पाठ शुरू करवाया गया। सोमवार को समापन पर यहां विशाल भंडारे का भी आयोजन हुआ। हैरानी की बात तो ये है कि ये सबकुछ मुख्य विकास अधिकारी की देखरेख में हुआ। अब आपको बताते हैं कि विकास भवन की कहानी क्या है? आगे जानिए
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रुद्रप्रयाग जिले में 26 जनवरी 2016 को विकास भवन बनकर तैयार हुआ। इस भवन से फिलहाल 16 विभाग संचालित हो रहे हैं। रात के वक्त भवन में दो चौकीदार तैनात किए गए हैं।
अजीब बात ये है कि दिन के वक्त तो यहां सब कुछ ठीक रहता है लेकिन खबरों के मुताबिक रात के वक्त यहां डरावनी आवाजें आती हैं। कई बार तो लगता है जैसे कोई घंटियां बजा रहा है।
बताया जा रहा है कि इस वजह से चौकीदार हर वक्त दहशत में ही रहते हैं। जब बड़े अधिकारियों तक ये बात पहुंची, तो एक बैठक बुलाई गई। इस समस्या को सुलझाने पर मंथन किया गया।
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बैठक में ही फैसला लिया गया कि दो दिन का अखंड रामायण पाठ कराया जाएगा और साथ ही यज्ञ का भी आयोजन होगा।
बताया जा रहा है कि इसके बाद अखंड रामायण का पाठ हुआ पांच ब्राह्मणों के द्वारा यज्ञ संपन्न करवाया गया।
खबर के मुताबिक परियोजना अर्थशास्त्री एमएस नेगी ने कहा कि रात के वक्त विकास भवन में रोने-चिल्लाने की आवाजें आती हैं, इसलिए यहां यज्ञ कराना पड़ा। बताया गया कि सीडीओ की अध्यक्षता में अनुष्ठान का फैसला लिया गया था, जिससे भूतों को विकास भवन से भगाया जा सके।
हालांकि इस मामलसे में रुद्रप्रयाग के जिला अधिकारी मंगेश घिल्डियाल का कहना है कि उनके संज्ञान में विकास भवन का कोई मामला नहीं आया है।