सोशल मीडिया पर अगर ऐसे शुभ संदेश वायरल हों तो अच्छा लगता है। गढ़वाली में लिखा गया शादी का ये कार्ड एक अच्छी कोशिश है..देखिए
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आदिशा
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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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Image: invitation card of ishaan dobhal wedding
रुद्रप्रयाग: न्यूति याले न्यूति मै न् हल़्दानु बाड़ी, आज चह्येंद हल्दी को काज
आज न्यूति याले मै न् फूलों की डाली, आज चह्येंद फूलों को काज
न्यूती बुलौंदो पूजी पठौलो, कर्यां हमरु सुफल काज
पारंपरिक गढ़वाली मांगल के साथ एक साधारण से कार्ड में शादी का न्योता छपा है, हर शब्द गढ़वाली में लिखा है, आपको बुलावा मिला है...इससे बेहतर क्या होगा?
आज के दौर में कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो सिर्फ संस्कृति को बचाने की बात नहीं करते बल्कि इसके लिए धरातल पर अपनी तरफ से अच्छी कोशिशें कर रहे हैं। अब सोशल मीडिया पर इसके शुभ संकेत दिख रहे हैं। इन्हीं में से एक है गढ़वाली बोली में लिखा हुआ शादी का ये कार्ड। आगे हम आपको इसका वीडियो भी दिखा रहे हैं।
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पांडवाज़ ग्रुप के ईशान डोभाल की शादी का ये कार्ड है। परिवार के सबसे बड़े बेटे की शादी है, पिता प्रेम मोहन डोभाल ने खूबसूरत शब्दों के साथ इस कार्ड को सजाया है। पहले कार्ड देख लीजिए।
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अपनी बोली और भाषा बचाने का इससे बेहतर तरीका क्या हो सकता है? आज का युवा जागरूक है और इस तरह की छोटी-छोटी कोशिशों से अपनी संस्कृति को बचाने के लिए कुछ किया जा सकता है...वरना सोशल मीडिया पर वायरल करने के लिए तो बहुत कुछ है। कुछ अच्छे संदेश और संकेत सोशल मीडिया पर वायरल होने चाहिए..यकीन मानिए बहुत कुछ बदल सकता है। देखिए ये खूबसूरत वीडियो।
ईशान दग्ड़ा नेहा का ब्यो कारिज मा सब्यूँ तैं न्यूतो!
Posted by Prem Mohan Dobhal on Saturday, December 1, 2018