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90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के पर्वतीय अंचलों में जीतू बगड़वाल की लोककथा आज भी चाव से कही और सुनी जाती है।
टिहरी के रहने वाले लोकनायक जीतू बगड़वाल की बांसुरी की धुन पर मोहित होकर आंछरियां यानि परियां उन्हें अपने साथ ले गई थीं। इस लोककथा का पहाड़ी जनमानस पर इतना गहरा असर है कि आज भी लोगों को पर्वतों-घाटियों में संगीत न बजाने की चेतावनी दी जाती है। जीतू बगड़वाल की लोककथा और पर बने कई लोकगीत आपने सुने होंगे, लेकिन पांडवाज ग्रुप ने अपनी नई सीरीज धुंयाल के पहले गीत में जीतू बगड़वाल की लोककथा को एक बार फिर से जीवंत कर दिया है। गीत को सुरों से सजाया है श्रद्धा कुहुप्रिया ने। आगे देखिए वीडियो
सीरीज के पहले गीत का वीडियो 14 फरवरी को यूट्यूब पर रिलीज हुआ, जिसे अब तक हजारों लोग देख चुके हैं। यकीन मानिए इस गीत में इतनी ताकत है कि आप खुद को सम्मोहन में बंधा महसूस करेंगे। गीत के माध्यम से लोकनायक जीतू बगड़वाल और उन्हें आछरियों द्वारा हर ले जाने की कथा को खूबसूरती से पिरोया गया है। सीरीज के पहले वीडियो में पांडवाज टीम की मेहनत बखूबी देखी जा सकती है। हिमालय की खूबसूरत धवल वादियां वीडियो की खूबसूरती में चार चांद लगा रही हैं। अब तक वीडियो नहीं देख पाएं हैं तो यहां देखें। आपको धुंयाल सीरीज का पहला गीत कैसा लगा हमें कमेंट कर के जरूर बताएं। देखिए वीडियो