जिसने पौड़ी गढ़वाल की ‘दामिनी’ को जिंदा जलाया, उसे फांसी पर लटकाने की तैयारी!

पौड़ी गढ़वाल की छात्रा को जिस शख्स ने पेट्रोल डालकर जिंदा जलाया। उस पर कड़ी धारा लगाकर फांसी देने की तैयारी हो रही है।
Advertisement Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life

Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.

Example Ads Media
उत्तराखंड: Latest update on pauri garhwal case
Image: Latest update on pauri garhwal case

पौड़ी गढ़वाल: पौड़ी में छात्रा पर पेट्रोल छिड़क कर आग लगाने वाले दरिंदे को फांसी की सजा देने की मांग उठ रही है। आरोपी के खिलाफ 302 जैसी सख्त धाराएं लगाई गई हैं, ताकि उसे कड़ी से कड़ी सजा मिल सके। आईपीसी की धारा 302 कई मायनों में काफी महत्वपूर्ण है। कत्ल के आरोपियों पर धारा 302 लगाई जाती है। अगर किसी पर हत्या का दोष साबित हो जाता है, तो उसे उम्रकैद या फांसी की सजा और जुर्माना हो सकता है। इस बीच पौड़ी गढ़वाल की मृतक छात्रा की मां ने भी बेटी के साथ हैवानियत को अंजाम देने वाले को फांसी देने की मांग की है। बता दें कि 16 दिसंबर को सिरफिरे युवक ने छात्रा पर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी थी। गंभीर रूप से झुलसी छात्रा का दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज चल रहा था, जहां उसकी मौत हो गई। घटना से देवभूमि में गुस्से का उबाल है। प्रदेशभर से लेकर सोशल मीडिया में आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग उठ रही है।

यह भी पढें - पौड़ी गढ़वाल की ‘दामिनी’, विधवा मां का इकलौता सहारा थी..घर में शादी की तैयारी थी
एडीजी अशोक कुमार ने बताया कि आरोपी पर 307 आइपीसी के तहत मुकदमा पहले से ही दर्ज है। पौड़ी की छात्रा के साथ हुई हैवानियत पर दुख जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि यह मामला जघन्य अपराध की श्रेणी में आ चुका है औऱ आरोपी के खिलाफ 302 फांसी जैसी सख्त धारा बढ़ा दी गई है। ये धारा तब लगती है जब किसी पर हत्या का दोष साबित हो जाता है तो उसे उम्रकैद या फांसी की सजा और जुर्माना हो सकता है।वहीं एडीजी ने जानकारी दी की पुलिस भी जल्द जांच पूरी कर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है। बता दें कि आरोपी मनोज ने अपना जुर्म कबूल करते हुए कहा था कि उसका नेहा के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था लेकिन कुछ दिनों से उनके बीच कहासुनी हो गई थी जिस कारण छात्रा उससे बात नहीं कर रही थी। आऱोपी का कहना है कि वह खुद को आग लगा रहा था, जिससे छात्रा आग की चपेट में आ गई।