उत्तराखंड का एक IPS अधिकारी, जो बुजुर्गों और गरीबों के लिए बना मसीहा!

पुलिस की छवि पर बार बार सवाल उठते हैं लेकिन कुछ अधिकारी ऐसे भी हैं जो अपने बेहतरीन कामों से उत्तराखंड का नाम रोशन कर रहे हैं।
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उत्तराखंड न्यूज: Story of ips officer jagatram joshi
Image: Story of ips officer jagatram joshi

पौड़ी गढ़वाल: हमारे देश में पुलिस की छवि को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं, लेकिन कभी-कभी खाकी अपनी सेवा से लोगों के दिलों में इस कदर घर कर जाती है कि डर की जगह सम्मान ले लेता है। ऐसे ही एक आईपीएस अफसर हैं डीआईजी जगतराम जोशी जो कि अपनी ड्यूटी करने के साथ-साथ जरूरतमंंदों की सेवा में जुटे हैं। अपने इस कदम की बदौलत वो न केवल गरीबों के मददगार साबित हो रहे हैं, बल्कि उनकी देखादेखी दूसरे अफसर भी गरीबों की मदद के लिए आगे आने लगे हैं। ये मुहिम शुरू हुई साल 1998 में, मुहिम की शुरुआत छोटे स्तर पर हुई जिसके तहत गरीबों को राशन और कपड़े बांटे गए। उनकी ये मुहिम आज बड़े अभियान का रूप ले चुकी है। 1998-99 में जोशी रामपुर में सीओ सिटी के पद पर तैनात थे। इसी दौरान उनका परिचय शहर में एक स्वयंसेवी संस्था से हुआ।

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ये संस्था पुराने कपड़ों का जमा कर उन्हें जरूरतमंदों में बांटती है। इससे इस IPS अफसर मन में भी ऐसा काम करने का जज्बा जागा। साल 2001 में जोशी उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड आ गए। 2004 में उन्हें हरिद्वार जिले में एसपी सिटी के पद पर तैनाती मिली। यहां भी उन्होंने शहर के लोगों की मदद से 2007 तक हर साल गरीबों को कंबल बांटे। हरिद्वार के बाद हल्द्वानी, देहरादून, काशीपुर और उत्तरकाशी में भी उनकी मुहिम जारी रही। इसके बाद उनकी तैनाती उत्तरकाशी जिले में पुलिस अधीक्षक के पद पर हुई। यहां उन्होंने दिव्यांग शिविर आयोजित किए और जिले के 4500 जरूरतमंदों को जरूरत के सामान और उपकरण वितरित किए। पौड़ी जिला पुलिस की ओर से अगस्त 2017 से जिले में 'बुजुर्गों से मिलिए' कार्यक्रम चलाया जा रहा है।

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इस अभियान का मूल उद्देश्य है कि महीने के आखिरी दिन गांव-मोहल्लों में जाकर ऐसे बुजुर्गों से मिला जाए, जो किसी वजह से अकेले जिंदगी जीने को मजबूर हैं। इनकी मदद को पुलिस हमेशा तत्पर रहती है। अब ये अभियान बड़ा रूप ले चुका है। जोशी बताते हैं कि ईमानदारी से ड्यूटी निभाने के बावजूद कई मौके ऐसे होते हैं, जब लोगों के दिल में पुलिस के नेगेटिव इमेज बन जाती है। सच तो ये है कि वर्दी के भीतर भी एक इंसान ही है। फिलहाल जगतराम जोशी पौड़ी जिले में तैनात हैं और हर कोई उनके इस काम की तारीफ कर रहा है। वास्तव में उत्तराखंड में कुछ पुलिस अधिकारी ऐसे भी हैं, जिनके काम की हर जगह तारीफ हो रही है, उन्हीं में से एक जगतराम जोशी भी हैं।