देवभूमि का वो धाम..जहां रावण ने अपने 10 सिर काटे, यहां आज भी हैं उंगलियों के निशान

शास्त्रों और पुराणों में लिखा गया है कि उत्तराखंड के इस धाम में रावण ने अपने दस सिर भगवान शिव को अर्पित किए थे।
Advertisement हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम

पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।

Example Ads Media
उत्तराखंड: Bairaas kund mahadev of nandprayag
Image: Bairaas kund mahadev of nandprayag

: शिव ही संसार का आदि और अंत है। देवभूमि को शिव का निवास माना जाता है। यहां शिव के कई धाम हैं, इन्हीं में से एक धाम है चमोली जिले के नंदप्रयाग में बसा बैरास कुंड महादेव जहां भगवान शिव का मंदिर है। कहा जाता है कि यहीं रावण ने अपने दस सिर काटकर अपने आराध्य भगवान शिव को समर्पित किए थे। इस इलाके को पहले दशमौलि के नाम से जाना जाता था जो कि बाद में दशौली के रूप में मशहूर हुआ। रावण ने शिव को प्रसन्न करने के लिए बैराश कुंड महादेव मंदिर में तपस्या की थी, जिसका उल्लेख केदारखंड और रावण संहिता में भी मिलता है। बैरास कुंड महादेव मंदिर उत्तराखंड के सबसे पुराने मंदिरों में से एक माना जाता है। इस जगह का इतिहास त्रेता युग से जुड़ा बताया जाता है। मान्यता है कि त्रेता युग में लंकापति रावण ने भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए यहीं पर तपस्या की थी।

यह भी पढें - देवभूमि की वो जगह, जहां पांडवों को जिंदा जलाने की कोशिश हुई..वैज्ञानिक भी यहां हैरान हैं
लेकिन जब कठोर तप के बाद भी महादेव के दर्शन नहीं हुए तो रावण ने यहीं मौजूद हवन कुंड में अपने दस सिरों की आहूति दे दी थी। मंदिर के ठीक सामने पौराणिक कुंड भी बना हुआ है। जिसके जल से महादेव का जलाभिषेक किया जाता है. मंदिर प्रांगण में एक विशाल हवन कुंड भी स्थित है। जिन दस स्थानों पर रावण ने अपने सिर रखे, उन स्थानों को दसमोली कहा जाता है. जिसके चलते इस गांव की पूरी पट्टी का नाम दशोली पड़ा है। महाऋषि वशिष्ठ ने भी इस स्थान पर तप और अाराधना कर महादेव को प्रसन्न किया था. मंदिर प्रांगण में आज भी रावण का पौराणिक हवन कुंड मौजूद है। मंदिर के पास रावण शिला भी मौजूद है, जिस पर रावण की अंगुलियों के निशान हैं। आप भी यहां दर्शनों के लिए चले आइए। धन्य है देवभूमि और धन्य हैं यहां के पवित्र धाम।

यह भी पढें - क्या उत्तराखंड के इस मंदिर में सच में मौजूद है नागराज और अद्भुत मणि? हर कोई हैरान है!
नेटवर्क 18 ने इस मंदिर को लेकर एक खूबसूरत वीडियो भी बनाया है। आप भी देखिए

  • Youtube सब्सक्राइब करें: