Advertisement
केदार हिमालय के ऐसे ट्रेक जहां रास्ता खुद आपको चुनता है
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
Example Ads Media
: देश की रक्षा के लिए उत्तराखंड का एक और लाल कुर्बान हो गया। पिथौरागढ़ के गंगोलीहाट दशाईथल जजौली के रहने वाले गोपाल सिंह माहरा अब इस दुनिया में नहीं हैं। गोपाल सिंह माहरा 24 असम राइफल में तैनात थे। बताया जा रहा है कि बुद्धवार सुबह नागालैंड में आतंकी हमला हुआ, जिसमें गोपाल सिंह माहरा दुश्मन की गोली का निशाना बन गए। बड़ी बात ये भी है कि एक साल बाद ही गोपाल सिंह माहरा का रिटायरमेंट था। गोपाल सिंह के घर में उनकी बूढ़ी मां कौशल्या देवी हैं, जो अक्सर बीमार रहती हैं। इसके अलावा पत्नी बसंती, 17 साल का बेटा सौरभ और 14 साल की बेटी हिमानी है। सौरभ पॉलीटेक्नीक की पढ़ाई कर रहा है, तो हिमानी 9वीं कक्षा में पढ़ती है। साल 1987 में गोपाल सिंह माहरा असम राइफल का हिस्सा बने थे। बताया जा रहा है कि गोपाल सिंह पूर्वोत्तर में नागालैंड से सटे एक गांव में तैनात थे।